Holi Special: होली से जुडे़ 5 रोचक तथ्य जो आपको जानने जरूरी हैं

Holi Special: होली से जुडे़ 5 रोचक तथ्य जो आपको जानने जरूरी हैं

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार ब्रजमंडल में तो फल्गुन माह के लगते ही प्रारंभ हो जाता है परंतु देश के अन्य कई क्षेत्रों में होली का डांडा रोपण करने के बाद प्रारंभ होता।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत में होली का त्योहार बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। यह त्योहार हिन्दू Calendar के अनुसार ब्रजमंडल में तो फल्गुन माह के लगते ही प्रारंभ हो जाता है परंतु देश के अन्य कई क्षेत्रों में होली का डांडा रोपण करने के बाद प्रारंभ होता। फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होलिका दहन होता है और दूसरे दिन धुलैंडी पर रंगों का त्योहार खेला जाता है जो रंग पंचमी तक चलता है। आइए जानते हैं इससे जुड़े 5 रोचक तथ्‍य-

1. मथुरा में लगभग 45 दिन के होली के पर्व का आरंभ वसंत पंचमी से ही हो जाता है। यहां पर लट्ठमार होली खेली जाती है जिस देखने के लिए देश विदेश से लोग यहां आते हैं।

2. होली के त्योहार में रंग कब से जुड़ा इसको लेकर मतभेद है परंतु इस दिन श्रीकृष्ण ने पूतना का वध किया था और जिसकी खुशी में गांववालों ने रंगोत्सव मनाया था। यह भी कहा जाता है कि श्रीकृष्ण ने गोपियों के संग रासलीला रचाई थी और दूसरे दिन रंग खेलने का उत्सव मनाया था।

3. पहले होली का नाम ' होलिका' या 'होलाका' था। साथ ही होली को आज भी 'फगुआ', 'धुलेंडी', 'दोल' के नाम से जाना जाता है।

4. आजकल होली के अगले दिन धुलेंडी को पानी में रंग मिलाकर होली खेली जाती है तो रंगपंचमी को सूखा रंग डालने की परंपरा रही है। कई जगह इसका उल्टा होता है। हालांकि होलिका दहन से रंगपंचमी तक भांग, ठंडाई आदि पीने का प्रचलन हैं।

5. रंगों का यह त्योहार प्रमुख रूप से 3 दिन तक मनाया जाता है। पहले दिन होलिका को जलाया जाता है, जिसे होलिका दहन कहते हैं। दूसरे दिन लोग एक-दुसरे को रंग व अबीर-गुलाब लगाते हैं जिसे धुरड्डी व धूलिवंदन कहा जाता है। होली के पांचवें दिन रंग पंचमी को भी रंगों का उत्सव मनाते हैं। भारत के कई हिस्सों में पांच दिन तक होली खेली जाती है।