नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। होली का त्योहार रंगों, खुशियों और मस्ती का प्रतीक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी बचपन में होली खेलने की वजह से सजा मिली थी? यह किस्सा खुद इंदिरा गांधी ने 1975 में एक पत्र के जरिए साझा किया था।
जब होली पर इंदिरा गांधी को मिली थी सजा
बचपन में इंदिरा गांधी को होली का त्योहार बहुत पसंद था। जब वह 10 साल की थीं, तब वह इलाहाबाद के एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ती थीं। उस समय भारत अंग्रेजों के शासन में था और भारतीय त्योहारों को अंग्रेजी स्कूलों में पसंद नहीं किया जाता था। एक बार होली के दिन इंदिरा गांधी ने स्कूल जाने के बजाय घर पर रहकर जमकर रंग खेला। अगले दिन जब वह स्कूल पहुंचीं तो उनके हाथों में रंग लगा हुआ था। यह देखकर टीचर ने उन्हें खूब डांटा और सजा के रूप में बेंच पर खड़ा कर दिया।
इंदिरा गांधी ने खुद किया था खुलासा
25 अप्रैल 1975 को, जब इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं, उन्होंने एक पत्र में अपने स्कूल के दिनों की यादें साझा कीं। इस पत्र में उन्होंने बताया कि बचपन में उन्हें दो बार स्कूल में सजा मिली थी, जिनमें से एक किस्सा होली से जुड़ा था। उन्होंने लिखा कि गुलाम भारत में भारतीय त्योहारों को पसंद नहीं किया जाता था, लेकिन फिर भी उन्होंने होली खेली और इसके लिए उन्हें सजा भुगतनी पड़ी।
होली से था खास लगाव
इंदिरा गांधी को बचपन से ही होली बहुत पसंद थी। यह त्योहार उन्हें खास तौर पर इसलिए भी पसंद था क्योंकि इस दिन ज्यादा मस्ती करने का मौका मिलता था। हालांकि, उस समय अंग्रेजों का शासन होने की वजह से भारतीय संस्कृति और त्योहारों को दबाने की कोशिश की जाती थी। लेकिन इंदिरा गांधी ने छोटी उम्र में ही अपनी परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखा और जमकर होली खेली।
होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं
इंदिरा गांधी के इस अनुभव से यह भी सीखने को मिलता है कि होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का भी प्रतीक है। यह त्योहार हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखता है और हर तरह की नकारात्मकता को मिटाकर आपसी भाईचारे को बढ़ावा देता है। इसलिए, इस होली को और भी खास बनाएं, खुलकर रंग खेलें और खुशियां बांटें!





