नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क/ HMPV नामक वायरस भारत में दस्तक दे चुका है। भारत सरकार की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिये गए हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा चिंता महाकुंभ को लेकर हो रही है। इस बार 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच महाकुंभ होने वाला है। इस बार दुनिया के सबसे बड़े मेले में 40 करोड़ लोगों के आने की संभावना लगाई गई है। इस धार्मिक आयोजन में न केवल देश के अलग अलग हिस्से से लेकर विदेशों से भी लोग आने वाले हैं। ऐसे में अगर HMPV वायरस महाकुंभ में जा पहुंचा तो तहलका मचा सकता है।
योगी सरकार की तैयारी
अगर हम बात करें योगी आदित्यनाथ सरकार की तो सरकार का दावा है कि वह महाकुंभ में आने वाली सभी परेशानियों का सामना करने के लिए तैयारियों में लगी हुई है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका है। और स्वास्थ्य विभाग ने संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों, खासकर के HMPV वायरस से निपटने के लिए सभी इंतजाम कर लिए गए है।
“मेले मे अधिकारी स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को लेकर हैं तैयार”
ADM विवेक चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए कहा कि हेल्थ मैनेजमेंट से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी तरह से कर ली गई हैं। वही सभी डॉक्टरों और एडवाइजर्स के बीच लगातार बातचीत और वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं। ताकि समय आने पर वे पूरी तरह से तैयार रहे। उन्होंने आगे ये कहा कि भारत सरकार की तरफ से उत्तर प्रदेश सरकार को प्राप्त दिशा-निर्देशों का उचित तरीके से इसका पालन किया जाएगा। इससे पता चलता है कि स्वास्थ्य विभाग किसी भी असुविधा से बचने के लिए सतर्क और पूरी तरह से तैयार है।
महाकुंभ में लगभग 45 करोड़ लोगों की होगी उपस्थिति
महाकुंभ मेला 12 साल बाद लग रहा है। ये 13 जनवरी से लेकर 26 फरवरी के बीच रहेगा। प्रयागराज में श्रद्धालुओं के भारी भीड़ उमड़ने की पूरी उम्मीद की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने जरुरी कदम लिए उठाए है। गंगा, यमुना व सरस्वती नदियों के संगम पर पवित्र स्नान के लिए तीर्थयात्री आते हैं। महाकुंभ मेले में करीब 45 करोड़ लोगों के आने की संभावना है।





