नई दिल्ली,एजेंसी। संसद के बजट सत्र का गुरुवार को तीसरा दिन है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही 2 बजे तक के स्थगित कर दिया गया। विपक्षी सांसदों ने अडानी ग्रुप को लेकर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष संसद में आर्थिक मुद्दों पर चर्चा चाहती है। लेकिन केन्द्र सरकार इस विषय पर संवाद करना नहीं चाहती।
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आर्थिक दृष्टि से देश में जो घटनाएं हो रही हैं, उसपर सदन में चर्चा हो
खड़गे ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सभी पार्टियों के नेताओं ने मिलकर एक फैसला लिया है कि आर्थिक दृष्टि से देश में जो घटनाएं हो रही हैं, उसपर सदन में चर्चा हो।राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सभी पार्टियों के नेताओं ने मिलकर एक फैसला लिया है कि आर्थिक दृष्टि से देश में जो घटनाएं हो रही हैं उसे सदन में उठाना है इसलिए हमने एक नोटिस दिया था। हम इस नोटिस पर चर्चा चाहते थे लेकिन जब भी हम नोटिस देते हैं तो उसे रिजेक्ट कर दिया जाता है।
देश का पैसा चंद उद्योगपतियों को सौंप दी गई है
खड़गे ने कहा कि उन्होंने इन विषयों पर संसद में चर्चा के लिए नोटिस दिया था, लेकिन उनके नोटिस को खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार एलआईसी सहित दूसरे संस्थाओं को बर्बाद कर देश का पैसा चंद उद्योगपतियों को सौंप रही है। यह देश हित में नहीं है। सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
जनहित के मुद्दों को संसद में उठाने के लिए रणनीति बनाई
गुरुवार को खड़गे ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की है। बैठक के बाद खड़गे ने ट्वीट कर कहा उन्होंने संसद के चल रहे बजट सत्र की तैयारी के तहत गुरुवार को समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने जनहित के मुद्दों को संसद में उठाने के लिए रणनीति बनाई।





