नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 5 अगस्त 2025 को एक बड़ा हादसा हुआ। धराली इलाके में बादल फटने से भीषण तबाही मच गई। घटना में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। भारी बारिश के कारण बाजार और आसपास के इलाके मलबे में तब्दील हो गए हैं।
खीर गंगा घाटी में हालात बेहद खराब
धराली क्षेत्र खीर गंगा घाटी के पास स्थित है। यहां अचानक आए पानी और मलबे से पूरा बाजार बह गया। कई मकानों, दुकानों और रास्तों को नुकसान हुआ है। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखे। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 12 मजदूर मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, आर्मी और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर रवाना हो गई हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य खुद घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं।
CM धामी ने जताया दुख, राहत कार्य तेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर शोक जताया और कहा कि ये समाचार बेहद दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा, “राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मैं लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हूं और स्थिति की निगरानी कर रहा हूं। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों की सुरक्षा और कुशलता की प्रार्थना की।
सेना भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल
धराली में बादल फटने और भूस्खलन की खबर मिलते ही सेना की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। सेना की ओर से बताया गया कि जवानों को तत्काल प्रभावित इलाके में भेजा गया, जहां उन्होंने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। सेना ने कहा कि वह इस प्राकृतिक आपदा के समय नागरिकों की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और खतरे वाले इलाकों से दूर रहें। खराब मौसम को देखते हुए सभी को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तरकाशी में भारी बारिश बनी मुसीबत
उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। धराली में हुआ यह हादसा बताता है कि पहाड़ी इलाकों में मॉनसून के दौरान खतरे कितने गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल राहत-बचाव कार्य जारी है और प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके।





