नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । वक्फ संशोधन एक्ट मामले पर फिलहाल सुनवाई टल गई है। अब मामले में अगले हफ्ते सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई ने कहा कि अब अगले मंगलवार यानी 20 मई को मामला सुना जाएगा। वहीं, सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि मामले में यथास्थिति बनाए रखी जाएगी।
इन याचिकाओं को स्वीकार नहीं करेंगे
संशोधन मामले में पीठ ने कहा कि वह 20 मई को 1995 के पिछले वक्फ कानून के प्रावधानों पर प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली किसी भी याचिका पर विचार नहीं करेंगे। कोर्ट में कानून की वैधता को चुनौती देने वालों के पक्ष रखने सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल और केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सोमवार तक अपने लिखित नोट्स जमा करने को कहा। CJI ने याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित कर दी। और कहा कि, ‘हम अंतरिम राहत के मुद्दे पर ही मंगलवार को विचार करेंगे।’
कोर्ट में केंद्र सरकार का आश्वासन
सर्वोच्च न्यायालय ने 17 अप्रैल को केंद्र का आश्वासन स्वीकार किया था कि, सरकार 5 मई तक वक्फ बाय यूजर समेत वक्फ की संपत्तियों को न तो गैर-अधिसूचित करेगी और न ही केंद्रीय वक्फ परिषद व बोर्ड में कोई नियुक्ति करेगी। सीजेआई गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून, 1995 के खिलाफ भी किसी भी याचिका पर विचार नहीं करेगे। बेंच ने मौखिक रूप से कहा, ‘हम ऐसी कोई याचिका स्वीकार नहीं करेंगे, जिसमें 1995 के वक्फ कानून के प्रावधानों पर रोक का अनुरोध किया जाए।
इस बीच,सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि, किसी भी मामले में केंद्र सरकार का यह आश्वासन है कि किसी भी वक्फ संपत्ति को, वक्फ बाई यूजर समेत स्थापित संपत्तियां भी शामिल हैं को गैर-अधिसूचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि, नए कानून के तहत केंद्रीय वक्फ परिषद या राज्य वक्फ बोर्डों में कोई नियुक्ति नहीं की जाएगी।





