नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाशिवरात्रि के मौके पर झारखंड के हजारीबाग में दो गुट आपस में भिड़ गए। जिले के डुमरौन गांव में हुई इस झड़प में दोनों तरफ से पत्थरबाजी और आगजनी की गई। इस घटना में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में पुलिस की तैनाती की गई है।
कैसे शुरू हुआ Hazaribagh Violence
प्रभात खबर के मुताबिक, बुधवार सुबह महाशिवरात्रि की तैयारी चल रही थी। इस दौरान लाउड स्पीकर लगाने को लेकर दो गुटों में बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि देखते ही देखते दोनों गुट हाथापाई करने लगे। इसके बाद दोनों गुट के लोग पत्थरबाजी करने लगे। उपद्रवी गुटों ने तीन बाइक और एक कार को आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही दूसरी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की।
घटना पर पुलिस ने क्या बताया
हजारीबाग जिले की DC नैंसी सहाय ने जनाकरी दी कि साउंड सिस्टम लगाने को लेकर दो गुटों में मारपीट हुई थी। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप करके मामले को शांत करवाया। उन्होंने बताया कि इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और अब हालात शांत हैं।
केंद्रीय मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ ने इस घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि झारखंड में सरस्वती पूजा, रामनवमी और होली में हिंसक घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने ऐसी घटनाओं के पीछे बांग्लादेशी घुसपैठियों का हाथ होने की आशंका जताई। वहीं, सोरेन सरकार में मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने जानकारी दी कि उन्होंने हजारीबाग एसपी से इस घटना के संबंध में बात की है और उन्हें घटना से निपटने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्व, RSS की मानसिकता से ग्रस्त और कट्टरपंथी लोग नफरत फैला रहे हैं। उन्होंने लिखा कि इस संबंध में केस दर्ज करके उन सभी को जेल भेजा जाएगा जो शांति भंग कर रहे हैं।




