नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। साल की सबसे रहस्यमयी और खूबसूरत खगोलीय घटना जो आज रात को देखने को मिलेगी। आज यानी 11 जून की रात बेहद खास होनेवाली है, 11 जून की रात बेहद खास होने वाली है। इस दिन आसमान में साल की सबसे रहस्यमयी और खूबसूरत खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। जून माह की आखिरी पूर्णिमा के दिन रात में स्ट्रॉबेरी मून दिखेगा। जून महीने की आखिरी पूर्णिमा के दिन रात में स्ट्रॉबेरी मून दिखेगा । जो इस साल यह एक माइक्रो मून भी होगा। पृथ्वी से थोड़ा अधिक दूर होने के कारण ये मून सामान्य से थोड़ा छोटा और साफ दिखाई नही देगा। आइए जानते है जून की ये आखिरी पूर्णिमा कब और कहा देखं सकेगें।
अमेरिकी आदिवासी परंपराओं से जुड़ा पर नाम स्ट्रॉबेरी मून
बता दे, इस बार का स्ट्रॉबेरी मून सिर्फ नाम या रंग की वजह से नहीं स्ट्रॉबेरी मून कहा जा रहा है बल्कि, इसके ‘माइक्रो मून’ और ‘मेजर लूनर स्टैंडस्टिल’ की वजह से भी बेहद खास है। इसका रंग स्ट्रॉबेरी जैसा नहीं होता लेकिन अमेरिकी आदिवासी परंपराओं से जुड़ा होने के कारण इसका नाम स्ट्रॉबेरी मून पड़ा। चूंकि, स्ट्रॉबेरी की कटाई की शुरुआत इसी पूर्णिमा के बाद होती है। इसलिए भी इसे स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है। जो कि, इस वर्ष चंद्रमा पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी पर होगा। इसलिए इस बार यह सामान्य से छोटा और नीचा दिखेगा। जो कि, हर 18 साल में एक बार आता है। अब अगली बार ये स्ट्रॉबेरी मून का आकार का चांद 2043 में ही नजर आएगा। यानी इसे देखना दुलर्भ ही माना जाता है।
आज सूर्यास्त के बाद दक्षिण-पूर्व दिशा में देखा जा सकता है
इस साल ये नजारा इसलिए भी खास है, क्योंकि यह मेजर लूनर स्टैंडस्टिल की स्थिति में होगा, जिससे वह आकाश में सामान्य से बेहद नीचा नजर आता है। इस घटना के कारण चंद्रमा की रोशनी में एक सुनहरी, गर्म चमक देखने को मिल सकती है। भारत में स्ट्रॉबेरी मून को 11 जून की शाम सूर्यास्त के बाद दक्षिण-पूर्व दिशा में देखा जा सकता है। भारत में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में यह नजारा रात को सात बजे के बाद दिखाई देगा।
कब दिखेगा स्ट्रॉबेरी मून?
अमेरिका के समयानुसार, आज यानी 11 जून 2025 को सुबह 03.44 मिनट पर नजर आएगा और भारत में 1:15 बजे से नजर आने लगेगा। अगर आप इस अद्भुत नजारे को देखना चाहते हैं,तो शहर की रोशनी से दूर किसी खुले और कम प्रदूषण वाले स्थान पर जाकर देखं सकते है। जो ना सिर्फ रोमांच और खूबसूरती से भरा होगाबल्कि खगोल प्रेमियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर होगा। चंद्रमा को देखने का ये दुर्लभ मौका 18 साल में एक बार ही मिलता है। इसलिए 11 जून की रात आसमान की ओर जरूर नजर उठाएं





