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हरियाणा ने हथिनी कुंड से दिल्ली के लिए छोड़ा 16 हजार क्यूसेक पानी

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। हरियाणा की तरफ से दिल्ली के लिए 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि इस पानी के दिल्ली पहुंचने के बाद ही राष्ट्रीय राजधानी में पानी की आपूर्ति सामान्य होगी। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि जल संकट अब कुछ दिनों में दूर हो जाना चाहिए, क्योंकि हरियाणा ने दिल्ली की ओर हथिनी कुंड से पानी छोड़ दिया है। दिल्ली सरकार के मुताबिक जल बोर्ड को दिल्ली की जलापूर्ति को बहाल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करनी पड़ी थी। जिसके बाद हरियाणा ने राष्ट्रीय राजधानी की ओर 16,000 क्यूसेक पानी छोड़ा है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने कहा था कि हरियाणा से पानी नहीं छोड़े जाने के चलते दिल्ली में यमुना का जल स्तर 7.5 फीट घट गया है। दिल्ली जलबोर्ड ने कहा था कि अगर हरियाणा ने पानी नहीं छोड़ा तो, दिल्ली में त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। दिल्ली जलबोर्ड ने कहा कि 1965 के बाद पहली बार यमुना का जल स्तर इतना घटा है और इसके चलते दिल्ली में रोजना 100 एमजीडी पानी का उत्पादन प्रभावित हो रहा था। राघव चड्ढा ने बुधवार को डीजेबी के इंतजामों का जायजा भी लिया। उन्होंने कंट्रोल रूम ऑपरेटरों से समझा कि हरियाणा द्वारा दिल्ली के हिस्से का पानी रोकने के बाद किस तरह से पानी के टैंकर की मांग बढ़ गई थी। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के जीपीएस आधारित लाइव टैंकर ट्रैकिंग सिस्टम का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने डीजेबी के उपाध्यक्ष को बताया कि शिकायत दर्ज होने के 40 से 45 मिनट बाद टैंकर शिकायतकर्ता के पास पहुंच जाता है। राघव चड्ढा ने कहा कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि पानी के टैंकरों की डिलीवरी कम से कम समय में लोगों तक हो जाए। इस संबंध में कोई भी कॉल या मैसेज नहीं छूटना चाहिए। इस प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए टीमों को जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की पुन जांच करनी होगी। अधिकारी शिकायतकर्ताओं को फोन करें और टैंकर डिलीवरी के बारे में सही फीडबैक लें। इसके अलावा सुनिश्चित करें कि लोग इस सुविधा से पूरी तरह संतुष्ट हैं। अगर लोग डिलीवरी में कोई समस्या बताते हैं तो उसका समाधान होना चाहिए। --आईएएनएस जीसीबी/एएनएम

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