नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हरियाणा सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता अनिल विज ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, “अंबाला छावनी में कुछ लोग समानांतर बीजेपी चला रहे हैं, जिनको ऊपर वालों का आशीर्वाद भी प्राप्त है। पार्टी का बहुत नुकसान हो रहा है। कमेंट बॉक्स में लिखें कि हम क्या करें। इस बयान के बाद हरियाणा बीजेपी में गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पहले भी उठा चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब अनिल विज ने पार्टी के अंदरूनी मामलों को सार्वजनिक किया हो। इसी साल फरवरी में उन्होंने दावा किया था कि अक्टूबर 2024 में उन्हें अंबाला कैंट सीट से हराने की साजिश रची गई थी। अनिल विज ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधा था।
आशीष तायल विवाद
अनिल विज ने आरोप लगाया था कि सीएम सैनी के करीबी दोस्त आशीष तायल चुनाव के दौरान बीजेपी विरोधी उम्मीदवार चित्रा सरवारा के साथ दिखे थे। उन्होंने सवाल उठाया अगर तायल आज भी सैनी के मित्र हैं, तो फिर बीजेपी उम्मीदवार की मुखालफत किसने करवाई। 2024 के चुनाव में अनिल विज को 59,858 वोट मिले थे, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार चित्रा सरवारा को 52,581 वोट हासिल हुए। कांग्रेस उम्मीदवार तीसरे नंबर पर रहे। 2019 के चुनाव में विज को 64,571 वोट मिले थे और तब भी सरवारा ने उन्हें चुनौती दी थी।
पार्टी से टकराव और नोटिस
फरवरी के विवाद के बाद बीजेपी ने अनिल विज को कारण बताओ नोटिस भी भेजा था। विज ने इसका जवाब देते हुए कहा था, “तूफानों से मैं खेलता हूं, मैं खुद भी एक तूफान हूं। मुझसे टकराने वालों के लिए यह उनके अंत का पैगाम है। अपने हालिया बयान के बीच विज ने पंजाब सरकार पर भी तंज कसा। पीएम मोदी द्वारा 1600 करोड़ राहत पैकेज की घोषणा के बाद जब पंजाब सरकार ने इसे नाकाफी बताया तो विज बोले, कुछ बच्चों को रोने की आदत होती है, दूध दो तब भी और न दो तब भी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर राज्य की चिंता करते हैं और पंजाब को दिए गए पैकेज का सही इस्तेमाल करना चाहिए। अनिल विज के ताजा बयान ने हरियाणा बीजेपी की आंतरिक खींचतान को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व उनकी इस समानांतर बीजेपी वाली टिप्पणी पर क्या रुख अपनाता है।





