नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। के बाद उत्तराखंड में भी कावड़ के रूट में लगने वाली दुकानों और ठेलों पर लगानी होगी नेमप्लेट
हाल ही में यूपी (उत्तर प्रदेश) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश जारी किए हैं कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए इस रूट पर लगाई जाने वाली सभी दुकानों और ठेलों पर नेमप्लेट लगाई जाना अनिवार्य होगा। इस आदेश के बाद उत्तराखंड के डीएम ने भी आदेश दिया है कि नगर निगम के द्वारा जारी किया गया लाइसेंस और आधार कार्ड अपने पास रखना होगा।
सभी ढाबा संचालकों और ठेला-रेड़ी लगाने वालों को लगानी होगी नेमप्लेट
एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार के डीएम धीरज गरबियाल ने बताया कि इनके द्वारा जारी किया गया लाइसेंस सभी ठेला-रेहड़ी तथा ढाबा लगाने वाले लोगों को लगाना होगा। हर साल अन्य राज्यों से भी लोग यहां पर आते हैं। उन्होंने यहा भी बताया कि उत्तराखंड में सत्यापन को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है। लगातार लोगों का सत्यापन हो रहा है।
संविधान खतरे में है: विपक्ष
रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस प्रवक्ता शिशुपाल सिंह ने बताया कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने कावड़ यात्रा के दौरान ठेला-रेड़ी वालों को आदेश दिया है कि वह अपनी रेहड़ी अथवा दुकान पर नेमप्लेट लगाएं। इससे उनके धर्म की पहचान हो सके। यह सब उसे देश में किया जा रहा है, जिसे धर्मनिरपेक्ष कहा जाता है। ये प्यार मोहब्बत से चलने वाला देश है यहां नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि संविधान खतरे में है। इन सब घटनाओं से यह जाहिर होता है कि संविधान को खतरा है। विपक्ष की बात सही है।
सरकार के इस कदम से आम जनता को होगा फायदा: बीजेपी प्रवक्ता
भाजपा ( भारतीय जनता पार्टी) के प्रवक्ता हनी पाठक ने बताया कि राज्य सरकार के ठेला रेड़ी वालों के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने से प्रदेश की जनता को फायदा होगा। कुछ लोग रेहड़ी पर मिलावटी सब्जी बेचते हैं। उनके पास लाइसेंस होगा तो वह इस प्रकार के काम नहीं करेंगे। लाइसेंस बनाते समय कई तरह की जांच-पड़ताल की जाती है। इससे लोग मिलावट नहीं करेंगे।
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