नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लखनऊ विश्वविद्यालय के लाल बारादरी परिसर में नमाज पढ़ने के मुद्दे पर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को हिंदू संगठनों ने यूनिवर्सिटी के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध जताया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की पुलिस से हल्की नोंकझोंक भी हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बैरिकेडिंग हटाकर नमाज पढ़ने से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, लाल बारादरी की जर्जर इमारत में मरम्मत और संरक्षण कार्य चल रहा है। इसी वजह से परिसर में बैरिकेडिंग की गई थी। रविवार को कुछ मुस्लिम छात्रों ने बैरिकेडिंग हटाकर वहां नमाज अदा की और इफ्तार किया। उनका आरोप था कि प्रशासन धार्मिक गतिविधियों को लेकर पक्षपात कर रहा है। सोमवार को इसके विरोध में हिंदू छात्र संगठन मौके पर पहुंचे और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए नमाज का विरोध किया। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मामला बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर हालात को काबू में किया।
13 छात्रों को नोटिस, ₹50 हजार का मुचलका भरने का आदेश
उधर, लखनऊ पुलिस ने लाल बारादरी के पास नमाज पढ़ने और नारेबाजी करने के आरोप में 13 मुस्लिम छात्रों को नोटिस जारी किया है। थाना हसनगंज पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन छात्रों ने निर्माण कार्य में बाधा डाली और सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक गतिविधि कर शांति व्यवस्था को प्रभावित किया। प्रशासन ने छात्रों को एक वर्ष तक शांति बनाए रखने की गारंटी के तौर पर ₹50,000 का मुचलका और दो जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया है।
हिंदू संगठनों की मांग: एक समान नियम लागू हों
हिंदू छात्र संगठनों का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय परिसर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा पाठ की अनुमति नहीं है, तो नमाज की भी इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। छात्रों ने प्रशासन को लिखित शिकायत देकर मांग की है कि कैंपस में सभी धार्मिक गतिविधियों पर समान रूप से रोक लगाई जाए। बताया जा रहा है कि एएसआई की रिपोर्ट के बाद लाल बारादरी भवन के संरक्षण का काम शुरू किया गया है, जिसके चलते बैरिकेडिंग की गई थी। इसी को लेकर विवाद की शुरुआत हुई। फिलहाल कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन ने सभी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है।





