नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 2 अप्रैल का दिन संसद में हंगामेदार रहने के आसार हैं। कल केंद्र सरकार की ओर से वक्फ बिल पेश होने वाला है। इस बिल के पेश होने से एक दिन पहले भी यह साफ नहीं हो पा रहा है कि सरकार के पास इस बिल को पास कराने के लिए नंबर्स हैं या नहीं। दरअसल, केंद्र सरकार में बीजेपी की सहयोगी जेडीयू अभी इस बिल पर अपने पत्ते नहीं खोल रही है। जेडीयू का कहना है कि वह पहले बिल का मसौदा देखेंगे तभी अपना मत सामने रख पाएंगे। हालांकि तेलुगु देशम पार्टी ने अपनी मांग बिल में शामिल किए जाने के बाद बिल के समर्थम में वोट देने का फैसला किया है।
केंद्र सरकार को मिला HAM-TDP का साथ
बिहार में चुनाव को देखते हुए बीजेपी बिहार में अपने सहयोगी दलों से मतभेद मोल नहीं ले सकती। इसलिए जेडीयू के द्वारा दी गई सिफारिशों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि जीतन राम माझी की पार्टी HAM का साथ केंद्र सरकार को मिल गया है। उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे पर सरकार के पक्ष में वोट करेंगे। इसके अलावा टीडीपी ने भी सरकार को 3 सिफारिश भेजी थी जिसे बिल में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद उन्होंने भी बिल के पक्ष में वोट देने का फैसला किया है।
कल सदन में रुख तय करेगी JDU
वक्फ बिल को लेकर जनता दल यूनाइटेड में दो अलग अलग सुर सुनने को मिल रहे हैं। जेडीयू MLC मोहम्मद गौस ने इस बिल का विरोध किया है जबकि जेडीयू का आधिकारिक रुख अभी तक सामने नहीं आया है। इसी कड़ी में आज लल्लन सिंह और संजय झा ने अमित शाह से मुलाकात की है। जेडीयू ने कहा कि पहले बिल को समझकर फिर पार्टी का रुख तय किया जाएगा।





