Guru Nanak Jayanti: गुरु नानक देव ने रखी थी सिख धर्म की नींव, पवित्र शब्द 'इक ओंकार' भी लिखा था

Prakash Parv: देशभर में प्रकाश पर्व की आज धूम है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जा रही। गुरु नानक साहब की जयंती के दिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल।
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल। @shawnngee एक्स सोशल मीडिया।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देशभर में प्रकाश पर्व की आज धूम है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जा रही। गुरु नानक साहब की जयंती के दिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में इस बार आज प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन सिख समुदाय के लोग भजन-कीर्तन करते हैं। प्रभात फेरियां निकाली जाएंगी। गुरु नानक जयंती पर देशभर के गुरुद्वारों में खास रौनक देखने को मिलती है। लोग गुरुद्वारे जाकर पाठ करेंगे।

आज ही के दिन हुआ था जन्म

प्रकाश पर्व हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक साहब का आज के दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हुआ था। उनके पिता का नाम कल्याण चंद और माता का नाम तृप्ता था। उनका जन्म 15 अप्रैल 1469 को तलवंडी में हुआ था, जो इस समय पाकिस्तान में है। उनके जन्मस्थान को ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। सिख समुदाय के लोगों के लिए यह स्थान काफी पवित्र माना जाता है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। आज ही के दिन देव दीपावली भी मनाई जाती है। देव दीपावली को वाराणसी पूरी तरह से सजी है।

प्रकाश पर्व क्या है?

गुरु नानक जी ने सिख धर्म की नींव रखी थी, इसलिए वे सिखों के पहले गुरु माने जाते हैं। नानक जी ने पवित्र शब्द 'इक ओंकार' को लिखा था। सिखों के लिए इस गुरुवाणी का काफी अधिक महत्व है। बता दें इस साल गुरु नानक जयंती 27 नवंबर को मनाई जा रही है। गुरु नानक जी एक संत, गुरु और समाज सुधारक थे। बचपन से ही वह ज्यादातर समय चिंतन में बिताते थे। उन्हें सांसारिक मोह नहीं था। उन्होंने जात-पात मिटाने के लिए और लोगों को एकता के सूत्र में बांधने के लिए उपदेश दिए थे। नानक जी ने समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाने का कार्य किया था। इससे गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है।

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