नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 19 वर्षीय दीपक गुप्ता की हत्या ने पूरे इलाके में खौफ और तनाव पैदा कर दिया। आरोप है कि हत्या के पीछे गौ तस्करों का हाथ है। स्थिति को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा कड़े कर दी है और इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
वही, इस मामले में गोरखपुर पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए धूसर पुलिस चौकी के प्रभारी समेत सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
गोरखपुर पुलिस की बडी कार्रवाई
गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नैयर ने पिपराइच थाने की जंगल धूसर पुलिस चौकी के प्रभारी और पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम कर्तव्य में लापरवाही और मनमानी बरतने के आरोप में उठाया गया है।
जांच के लिए पुलिस की 5 टीमें गठित
इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने पांच टीमों का गठन किया है, जो आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही हैं। एसएसपी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि तस्करों ने ट्रक से दीपक को धक्का दिया, जिससे सिर में गंभीर चोट लगकर उसकी मौत हुई। हालांकि, मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही स्पष्ट होगी।
6 संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज
दीपक गुप्ता की हत्या मामले में 6 संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपी पशु तस्कर हैं और पुलिस उनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में जुटी है। SSP ने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मामले में सियासत भी शुरु
दीपक गुप्ता हत्याकांड के बाद सियासत भी गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और कहा कि उनके गृह जिले में भी अपराध चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक मिलीभगत से सत्ता संरक्षित पशु तस्करों के खिलाफ जनता का गुस्सा भाजपा सरकार की नीतियों की वजह से फूटा है।
बता दें कि, मंगलवार, 16 सितंबर की देर रात गोरखपुर के पिपराइच थानाक्षेत्र के मऊआचापी गांव में ग्रामीणों के साथ झड़प के दौरान पशु तस्करों ने कथित तौर पर 19 वर्षीय दीपक की हत्या कर दी। शुरुआत में दावा किया गया कि उसे गोली मारकर मारा गया, लेकिन पुलिस ने मौत की वजह सिर में चोट लगना बताई है।





