नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । मां वैष्णों देवी के दर्शन करनेवाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी, हाल ही में हुए रियासी में श्रद्धालुओं से भरी बस पर हमले के बाद से सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता को लेकर इंटिग्रेटेड कमांड सेंटर को तैयार करने का काम शुरु किया गया था, जो करीब पूरा हो गया है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के बैठक के बाद श्रद्धालुओं के लिए ये खुशखबरी दी गई है कि अब आनेवाले मई महीने से यह सेंटर काम करना शुरु कर देगा।
पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा कड़ी
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए इसके सीईओ अंशुल गर्ग ने माता वैष्णो देवी के मंदिर की सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। जिसमें सुरक्षा एजेंसियों, सेना समेत कई आला अधिकारियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया। बता दे कि, मां के मंदिर की सुरक्षा को लेकर अब तक का ये बड़ा कदम बताया जा रहा है।
मई के पहले सप्ताह से काम करने लगेगा कमांड सेंटर
इस अहम बैठक में सीईओ अतुल गर्ग ने कटरा में इंटिग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर को तय समय पर शुरू करने पर जोर दिया है। जिसे मई के पहले हफ्ते में शुरु कर दिया जाएगा। इसमें AI-इनेबल PTZ जैसें एडवांस्ड सर्विलेंस तकनीक से लैस कैमरों के नेटवर्क के जरिए कैमरों के नेटवर्क मॉनिटरिंग हो सकेगी जिससे सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को बढ़ाने और इमर्जेंसी की स्थिति में तुरंत एक्शन लेने में एक्टिव हो जाएगा। इस बैठक में एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी को शेयर करने पर जोर दिया गया है।
ड्रोन से निगरानी
अब भक्तों की सुरक्षा को देखते हुए श्राइन बोर्ड की बैठक में खच्चरवालों की पहचान सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया है, ताकि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा किसी भी गैर कार्य को रोका जा सके । जिसके तहत अब क्षेत्र पर नियंत्रण रखने ड्रोन से निगरानी की जाऐगी साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती पर चर्चां जारी है। खतरों को रोकने और उच्च सुरक्षा मानकों को बनाए रखने AI-इनेबल निगरानी जैसी आधुनिक तकनीक का लाभ उठाने पर जोर दिया जाऐगा। जिसमें कई प्रकार के तकनीक उपकरणों के उपयोग से मजबूत सुरक्षा मंदिर बोर्ड के तरफ से की जाएगी।





