– आईएमएफ के दबाव में महंगाई से कराह रही जनता पर डाला बिजली सरचार्ज का बोझ नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स.)। पाकिस्तान से शुक्रवार को प्रकाशित अधिकांश अखबारों ने पाकिस्तान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित परेड के दौरान राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के भाषण के मुख्य अंश प्रकाशित किए हैं। अपने भाषण में उन्होंने कहा है कि हम अपने वतन के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में अमन, सुरक्षा और तरक्की चाहते हैं। इसके लिए कोशिश भी कर रहे हैं। किसी को भी हमारी इस कोशिश को हमारी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। बदकिस्मती से पिछले कई दशकों से आतंकवाद, भेदभाव, नफरत और साजिशों से दक्षिण एशिया ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के हालात काफी खराब हुए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर और कश्मीरी आवाम के साथ हो रहे जुल्मो-सितम पर पाकिस्तान के साथ-साथ पूरी दुनिया को चिंता है। कश्मीर में आज जो कुछ हो रहा है वह मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है और भारत इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। अखबारों ने आईएमएफ के दबाव पर बिजली महंगी करने और टैक्स में छूट खत्म करने के सिलसिले में राष्ट्रपति के जरिए जारी किए गए ऑर्डिनेंस को लेकर भी खबरें प्रकाशित की हैं। इस खबर में बताया गया है कि सरकार को बिजली बिल पर 10 प्रतिशत सरचार्ज लगाने का अधिकार मिल गया है। इससे 700 अरब डालर का बोझ पाकिस्तानी आवाम पर पड़ेगा। इस ऑर्डिनेंस के मुताबिक विभिन्न क्षेत्रों में दी जाने वाली 140 अरब के टैक्स की छूट को भी खत्म की गई है। अखबारों ने पाकिस्तान के वित्त मंत्री डॉक्टर अब्दुल हफीज शेख का बयान छापा है जिसमें बताया गया है कि आईएमएफ ने पाकिस्तान को 50 करोड़ डालर के नए कर्ज की मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री का कहना है कि आईएमएफ का यह फैसला सरकार की बेहतर आर्थिक पॉलिसियों की वजह से ही संभव हो पाया है। अखबारों ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की लीडर मरियम नवाज की नैब अदालत में पेशी को अनिश्चितकाल के लिए टाले जाने की भी खबर दी है। अखबारों ने पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा की सऊदी अरब के नौसेना कमांडर के साथ मुलाकात किए जाने की भी खबर दी है। इस मुलाकात में दोनों सैन्य अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया है और अफगानिस्तान में चल रही शांति प्रक्रिया को सराहा है। अखबारों ने पाकिस्तान में चीनी की दिक्कत को देखते हुए जगह-जगह की जा रही छापेमारी और चीनी की जमाखोरी में शामिल लोगों को गिरफ्तार किए जाने और उन पर मुकदमा बनाए जाने से सम्बंधित खबरें भी प्रकाशित की हैं। यह सभी खबरें रोजनामा औसाफ, रोजनामा जिन्नाह, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा पाकिस्तान और रोजनामा जंग ने अपने पहले पृष्ठ पर प्रकाशित की हैं। रोजनामा औसाफ ने उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री के जरिए भारत में बुर्का पर पाबंदी लगाए जाने सम्बंधित बयान की खबर काफी अहमियत से छापी है। अखबार का कहना है कि भारत में चरमपंथ इस समय चरम पर है। अखबार का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी से संबंध रखने वाले इस मंत्री ने बुर्का को शैतानी लिबास करार दिया है। अखबार का कहना है कि मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा है कि बुर्का गैर इंसानी और शैतानी लिबास है। उनका कहना है कि अधिकांश मुस्लिम देशों में भी बुर्का पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। इसलिए भारत में भी बुर्का पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए। रोजनामा पाकिस्तान ने कश्मीर मीडिया सर्विस के हवाले से श्रीनगर से एक खबर दी है जिसमें बताया गया है कि एक अज्ञात व्यक्ति की फायरिंग से तीन भारतीय फौजी शहीद हो गए हैं। अखबार का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के जिला श्रीनगर में अज्ञात व्यक्ति ने अंधाधुंध फायरिंग करके तीन भारतीय फौजियों को शहीद कर दिया है। इस हमले के दौरान कई भारतीय फौजी जख्मी भी हुए हैं। हमले के बाद भारतीय फौजियों और पुलिस के अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र को घेरे में ले लिया है और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और हमलावर की तलाश की जा रही है। रोजनामा खबरें ने भारत-पाकिस्तान के बीच पानी की समस्या को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक की खबर प्रकाशित की है जिसमें बताया गया है कि पाकिस्तान की तरफ से व्यक्त की गई आपत्ति पर भारतीय पक्ष की तरफ से विचार किए जाने का भरोसा दिलाया गया है। अखबार का कहना है कि पाकिस्तान के कमिश्नर फॉर इंडस वॉटर मेहर अली शाह ने कहा है कि भारत पानी से बिजली बनाने के मंसूबों पर काम कर रहा है जिस पर हमने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि हमें भारत को साइट का मुआयना करवाना है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि जल्द ही भारतीय अधिकारी पाकिस्तान का दौरा करेंगे। रोजनामा जंग ने एक खबर भारतीय जम्मू-कश्मीर से प्रकाशित की है जिसमें बताया गया है कि वहां पर कश्मीरी भाषा और उनकी विरासत और कल्चर को खत्म करने का काम शुरू किया गया है। अखबार ने बताया है कि यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी कृतिका ज्योत्सना को जम्मू-कश्मीर आर्ट, कल्चर और लैंग्वेज का सचिव बनाया गया है। अखबार का कहना है कि अभी तक इस ओहदे पर जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारी को ही तैनात किया जाता था। अखबार का कहना है कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को हुकूमत की तरफ से जो पावर मिले हैं, वह उसका भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। अखबार का कहना है कि नई शिक्षा नीति और नई सरकारी भाषा भी वहां पर थोपने की तैयारी की जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार/एम ओवैस/मोहम्मद शहजाद




