नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना फजलुर रहीम मुजद्दिदी ने बताया कि 11 अप्रैल से 7 जुलाई 2025 तक पूरे देश में ‘वक्फ बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों को हड़पना चाहती है और हम इसके खिलाफ शांति से विरोध करेंगे।
जुमे की नमाज के बाद देशभर में प्रदर्शन
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद देश के कई शहरों में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से वक्फ संशोधन कानून वापस लेने की मांग की और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मुंबई: मूक विरोध और काली पट्टी
मुंबई के भायखला इलाके में स्थित चिश्ती हिंदुस्तानी मजीद में साइलेंट प्रदर्शन किया गया। AIMIM नेता वारिस पठान भी वहां मौजूद रहे। कुछ नमाजियों ने काले फीते बांधकर नमाज पढ़ी और कानून के खिलाफ अपना विरोध जताया।
कोलकाता: छात्रों ने निकाला मार्च
कोलकाता में आलिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने वक्फ कानून के विरोध में यूनिवर्सिटी से पार्क सर्कस तक मार्च निकाला। उन्होंने हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर कानून को वापस लेने की मांग की।
लखनऊ: बड़े इमामबाड़े पर विरोध
लखनऊ के बड़े इमामबाड़े की आसिफी मस्जिद के बाहर भी नमाज के बाद प्रदर्शन हुआ। लोगों ने वक्फ संशोधन कानून को गलत बताया और कहा कि यह मुसलमानों के अधिकारों को छीनने की कोशिश है। पुलिस बल की भारी तैनाती भी की गई थी।
दिल्ली: शांति रही, पर नाराजगी बरकरार
दिल्ली की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से हुई। यहां न तो काली पट्टी दिखी, न ही कोई प्रदर्शन हुआ। हालांकि, वहां आए कई लोगों ने वक्फ कानून को मुसलमानों के खिलाफ बताया और कहा कि इससे उनके हक छीने जा रहे हैं। देशभर में हुए इन प्रदर्शनों का मुख्य संदेश यही रहा कि वक्फ संशोधन कानून को वापस लिया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार इस कानून के जरिए वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना चाहती है, जो मुस्लिम समुदाय के हक में नहीं है।





