नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का नाम भारत के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा। इसका बड़ा कारण यह है कि वह भारत की पहली महिला राष्ट्रपति थी। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने देश के सबसे बड़े पद पर बैठकर सभी महिलाओं के लिए एक बड़ी सीख दी है कि महिलाएं पुरुषों से किसी भी तरह से कम नहीं हैं। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में लगाया है। उन्हें मैक्सिको के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का आज 19 दिसंबर 2024 को 88वां जन्मदिन है।
प्रतिभा पाटिल का जन्म महाराष्ट्र में 19 दिसंबर 1934 को हुआ था
भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव जिले में 19 दिसंबर 1934 को हुआ था। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के पिता का नाम नारायण राव था। नारायण राव भी एक राजनेता थे। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल की शुरुआती शिक्षा महाराष्ट्र के जलगांव जिले में ही हुई थी। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने महाराष्ट्र के जलगांव जिले के मूलजी जैठा कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से वकालत की पढाई की। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल टेबल टेनिस की भी अच्छी प्लेयर रह चुकी हैं।
कॉलेज के दिनों में कॉलेज क्वीन का खिताब मिला
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को कॉलेज के दिनों में कॉलेज क्वीन का खिताब मिला हुआ था, क्योंकि वह काफी सुंदर हुआ करती थी। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल की वर्ष 1965 में प्रोफेसर देवीसिंह रणसिंह शेखावत के साथ शादी हो गई थी। शादी से पहले उनका नाम प्रतिभा पाटिल था, लेकिन उन्होंने शादी के बाद उन्होंने अपने नाम में पति का नाम जोड़ लिया था, जिसके बाद से उन्हें प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के नाम से जाना जाता है। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का एक बेटा और एक बेटी है।
समाजसेविका से लेकर देश की पहली महिला राष्ट्रपति तक का सफर
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने शुरू से ही समाजसेवा को चुना। उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने से पहले एक समाज सेविका के रूप में कार्य किया था। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को उनके विनम्र स्वभाव के लिए भी जाना जाता है। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी पूरे जोर से कार्य किया। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने 27 वर्ष की उम्र में राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने अपना पहला विधानसभा का चुनाव अपने जन्मस्थान महाराष्ट्र के जलगांव सीट से लड़ा था और उसमे जीत हासिल की थी। उनके कार्य को इतना पसंद किया जाने लगा था कि वह मुक्ति नगर विधानसभा सीट से लगातार चार बार विधायक चुनी गई थी। इसके बाद वर्ष 1967-72 के बीच प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को महाराष्ट्र सरकार में उप मंत्री बनाया गया। वहीं वर्ष 1972 से 1974 तक उन्हें समाज कल्याण मंत्री का पदभार सौंपा गया। इसके अलावा भी उन्हें दूसरे मंत्रालय का पदभार भी सौंपा गया था।
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने वर्ष 1986 से 1988 तक राज्यसभा के उपसभापति का कार्यभार संभाला था। वर्ष 1991 के लोकसभा चुनाव में प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने अमरावती लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने वर्ष 2004 से वर्ष 2007 तक राजस्थान के राज्यपाल का कार्यभार संभाला था। इसके बाद UPA सरकार ने वर्ष 2007 में प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के सामने भैरोसिंह शेखावत थे। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने उन्हें लगभग 3 लाख वोट से हरा दिया था। इस तरह 25 जुलाई 2007 को प्रतिभा देवीसिंह पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनी।





