नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। JDS के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को एक महिला घरेलू सहायिका के साथ बलात्कार करने के मामले में दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है और 10 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रज्वल रेवन्ना पर आरोप था कि उन्होंने अपने घर में काम करने वाली महिला घरेलू सहायिका के साथ बार-बार बलात्कार किया। यह मामला तब उजागर हुआ जब पीड़िता ने वीडियो सबूतों के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद कोर्ट ने सभी सबूतों के आधार पर प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार का दोषी माना और गंभीर धाराओं में सजा सुनाई।
प्रज्वल रेवन्ना की प्रतिक्रिया-‘मैंने कुछ गलत नहीं किया’
सजा सुनाए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए रेवन्ना ने कहा: “मैंने कोई गलत काम नहीं किया है। मेरी सिर्फ एक ही गलती है कि मैं राजनीति में तेजी से ऊपर आया और कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया।” उन्होंने यह भी कहा कि वह इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।
10 लाख का मुआवजा पीड़िता को मिलेगा
कोर्ट ने जुर्माने के रूप में लगाए गए 10 लाख रुपये की राशि पीड़िता को मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि पीड़िता के पुनर्वास और मदद के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
SIT ने की थी गहराई से जांच
इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) ने की थी, जिसने सितंबर 2024 में 1,632 पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया। इसमें 113 गवाहों के बयान शामिल थे। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 26 गवाहों से पूछताछ की और 180 दस्तावेज पेश किए। प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के पोते और जेडीएस नेता एच. डी. रेवन्ना के बेटे हैं। इस फैसले का असर जेडीएस की साख और राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है। इस फैसले के जरिए अदालत ने साफ किया है कि कानून से कोई ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो। पीड़िता को न्याय मिलने के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है।





