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Thursday, March 5, 2026
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बलात्कार के मामले में पूर्व JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना दोषी करार, कल सजा पर होगा फैसला

प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ दर्ज बलात्कार के मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। कोर्ट ने रेवन्ना को दोषी करार दिया है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । पूर्व हासन सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के मामले में विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है। सजा की अवधि का ऐलान अदालत कल, 2 अगस्त को करेगी। फैसला सुनते ही रेवन्ना अदालत में भावुक हो गया और रोने लगा। यह निर्णय बेंगलुरु में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत द्वारा सुनाया गया है।

प्रज्वल रेवन्ना कोर्ट में भावुक हुआ, साड़ी बनी निर्णायक सबूत

बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना कोर्ट में फूट-फूटकर रो पड़ा। फैसले के बाद जब वह अदालत से बाहर निकला, तब भी वह लगातार रोता रहा। यह फैसला FIR दर्ज होने के महज 14 महीने के भीतर सुना दिया गया है, जिसे तेज न्यायिक प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

इस मामले में एक साड़ी निर्णायक सबूत के तौर पर अदालत में पेश की गई। आरोप है कि रेवन्ना ने घरेलू सहायिका के साथ दो बार बलात्कार किया था। पीड़िता ने न केवल घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया, बल्कि घटना के समय पहनी गई साड़ी को भी सहेज कर रखा। जांच के दौरान उस साड़ी पर स्पर्म के निशान पाए गए, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला और भी मजबूत हो गया। प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की कई धाराओं के तहत आरोप तय किए गए थे। अदालत सजा की अवधि का ऐलान कल, 2 अगस्त को करेगी।

CID की तेजी से जांच, 7 महीने में पूरा हुआ ट्रायल

पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ बलात्कार का मामला मैसूरु के केआर नगर की एक घरेलू सहायिका की शिकायत पर CID साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रेवन्ना ने पीड़िता के साथ बलात्कार किया और उस कृत्य का वीडियो भी रिकॉर्ड किया।

सीआईडी के विशेष जांच दल (SIT) ने इस मामले की जांच कर करीब 2,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। जांच के दौरान टीम ने कुल 123 सबूत जुटाए। यह जांच सीआईडी इंस्पेक्टर शोभा और उनकी टीम के द्वारा की गई। मामले की सुनवाई 31 दिसंबर 2024 को शुरू हुई थी। अदालत ने कुल 23 गवाहों की गवाही दर्ज की। इसके अलावा, कोर्ट ने वीडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल के निरीक्षण से जुड़ी रिपोर्टों की भी समीक्षा की। सात महीने में ट्रायल पूरा होने के बाद, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश संतोष गजानन भट्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया जा चुका है।

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