पूर्व मुख्यमंत्री डॉ भूमिधर बर्मन का निधन गुवाहाटी, 18 अप्रैल (हि.स.)। असम के पूर्व मुख्यमंत्री तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ भूमिधर बर्मन का रविवार को राजधानी गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। डॉ बर्मन अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से चुनकर कुल सात बार विधायक के रूप में असम विधानसभा में पहुंचे थे। वे पहली बार सन् 1967 में विधायक के रूप में चुनकर असम विधानसभा में पहुंचे थे। .सन् 1972 में फिर से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद डॉ बर्मन शरत चंद्र सिंह मंत्रिमंडल में पहली बार स्वास्थ्य, शिक्षा एवं राजस्व विभाग के राज्यमंत्री बनाए गए। इसके बाद 1983 में धर्मपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर आने के बाद उन्हें फिर से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का मंत्री बनाया गया। जबकि, 1991 में वे बरखेत्री चुनाव जीतने के बाद हितेश्वर सैकिया मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य, शिक्षा और असम समझौता क्रियान्वयन विभाग के कैबिनेट मंत्री बने। तत्कालीन मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया के निधन के बाद 1996 में वे 22 अप्रैल से 14 मई तक के लिए असम के कार्यवाहक मुख्यमंत्री भी बने। डॉ बर्मन एमबीबीएस की परीक्षा पास करने के बाद सक्रिय राजनीति में उतर आए थे। तरुण गोगोई मंत्रिमंडल में वे 15 वर्षों तक कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री बने रहे। नलबाड़ी जिला के बेलसर प्राथमिक विद्यालय से लेकर कॉटन कॉलेज और फिर असम चिकित्सा महाविद्यालय, डिब्रूगढ़ तक का सफर उन्होंने काफी शानदार तरीके से तय किया। वे कांग्रेस के एक कर्मठ कार्यकर्ता और नेता के रूप में जाने जाते रहे। शरद चंद्र सिंह, हितेश्वर सैकिया और तरुण गोगोई सभी मुख्यमंत्रियों के वे वफादार बने रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन काल में कभी भी पार्टी से विद्रोह नहीं किया। वे कई बार चुनाव हारे भी। लेकिन, अपना संयम कभी नहीं खोया और न ही दलबदल अपनी जिंदगी में कभी किया। डॉ बर्मन के निधन पर समाज के कई क्षेत्र के लोगों ने अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। असम की राजनीति में उनका नाम हमेशा ही अमर रहेगा। हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश/ अरविंद




