नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राज्यसभा में पहलगाम हमले को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि भारत आतंकवाद का दशकों से शिकार रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं और दुनिया के सामने भारत की कूटनीति सफल रही है।
मुंबई हमले पर चुप रहने वाले आज सलाह दे रहे
जयशंकर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जो लोग 26/11 मुंबई हमले पर चुप रहे, आज हमें ज्ञान दे रहे हैं कि क्या करना चाहिए। इस पर विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे और पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया, जिसे उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया।
”तहव्वुर राणा को अमेरिका से वापस लाना बड़ी सफलता”
एस. जयशंकर ने बताया कि 26/11 के आरोपी तहव्वुर राणा को मोदी सरकार अमेरिका से वापस लाई है और अब उस पर भारत में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने इसे मोदी सरकार की कूटनीतिक सफलता बताया। विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान से बातचीत सिर्फ डीजीएमओ सेना के सैन्य संपर्क अधिकारी चैनल के जरिए ही होगी। किसी तीसरे देश की मध्यस्थता भारत को मंजूर नहीं है। पाकिस्तान ने खुद डीजीएमओ से संपर्क कर हमले रोकने की गुहार लगाई थी। जयशंकर ने विपक्षी नेताओं पर चीन से गुप्त समझौते के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मैं चीन गया था, लेकिन कोई सीक्रेट एमओयू साइन नहीं किया। ये सिर्फ चीन गुरु करते हैं, जो एंबेसडर से ट्यूशन लेते हैं। जयशंकर ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र है। उन्होंने कहा, “हमने अमेरिका समेत कई देशों से बात की और किसी भी देश ने भारत को ऑपरेशन रोकने को नहीं कहा।
मोदी सरकार की कूटनीति के 10 साल
विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने आतंकवाद को वैश्विक एजेंडा बना दिया है। उन्होंने बताया कि BRICS, SCO और QUAD जैसे मंचों पर भारत ने आतंकवाद के मुद्दे को मजबूती से उठाया है और आतंकियों की फंडिंग पर लगाम लगाई है। जयशंकर ने बताया कि सरकार ने पाकिस्तान के नागरिकों के वीजा रद्द किए और सिंधु जल समझौते को भी रोक दिया। उन्होंने कहा, “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। अब तुष्टिकरण की नहीं, सख्ती की नीति है। एस. जयशंकर का यह संबोधन साफ संकेत देता है कि सरकार आतंकवाद को लेकर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी। संसद में उनके तीखे तेवर और ठोस कूटनीतिक बिंदुओं ने इस मुद्दे को चुनावी मौसम में और गरमा दिया है।




