नई दिल्ली, रफ्तार। बजट 2024-25 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मिडिल क्लास को टैक्स में बड़ी राहत दे सकती हैं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वित्त मंत्री सीतारमण इस बार टैक्स में छूट दे सकती हैं। इस छूट का लाभ 5 लाख से 15 लाख रुपये तक सालाना इनकम वाले व्यक्तियों को मिल सकता है। जो अभी 5 से 20 फीसदी तक टैक्स दे रहे हैं। वित्त मंत्री ऐसे समय पर टैक्स में छूट दे सकती हैं जब थोक महंगाई दर में 2.61 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जिसकी वजह से खाद्य पदार्थ और सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में नए टैक्स ब्रैकेट का किया गया दावा
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि केंद्र सरकार एक नए टैक्स ब्रैकेट पर विचार कर रही है और इसपर विस्तार से चर्चा कर रही है। इसपर अंतिम फैसला बजट पेश होने के दौरान किया जाएगा। टैक्स में छूट से होने वाले राजस्व घाटे के बाद भी सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए 5.1% के अपने राजकोषीय घाटे के टारगेट को बनाये रखना चाहती है।
किसानों को भी मिल सकती है सौगात
रिपोर्ट में बताया गया है कि केंद्र सरकार किसानों को भी बड़ी सौगात दे सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत दी जाने वाली 6000 रुपये की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 8000 किया जा सकता है। वहीं न्यूनतम गारंटी योजना के तहत महिला किसानों के लिए वित्तीय सहायता को बढ़ा सकती है।
इन टैक्स पेयर्स को भी मिल सकती है छूट
एक आम टैक्स पेयर्स के लिए भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ छूट दे सकती हैं। दरअसल हालिया वर्षों में कॉर्पोरेट इनकम टैक्स से पर्सनल टैक्स अधिक हो गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में जहां कॉर्पोरेट टैक्स 9.11 लाख करोड़ रुपये था। वहीं नेट पर्सनल टैक्स का कलेक्शन 10.44 लाख करोड़ रुपये था। इसके अलावा वित्त वर्ष 2022-23 में भी पर्सनल टैक्स कलेक्शन कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन से अधिक था। जिसको लेकर ये दावा किया जा रहा है कि इस बार पर्सनल टैक्सपेयर्स को भी छूट दिया जा सकता है।
कब पेश होगा बजट?
जानकारी के मुताबिक बजट पेश करने के संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अभी अर्थशास्त्रियों और इंडस्ट्री चैंबर्स समेत अन्य के साथ परामर्श कर रही हैं। वो 22 जुलाई को बजट पेश कर सकती हैं। राजस्व सचिव के साथ बजट पूर्व हुई चर्चा में उद्योग संगठनों ने 20 लाख रुपये तक की इनकम वाले लोगों को टैक्स में मामूली राहत देने का सुझाव पेश किया है। जिसपर वित्त मंत्री अभी विचार कर रही हैं।
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