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Friday, March 6, 2026
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जयशंकर के SCO बैठक में जाने पर बोले फारूख अबदुल्लाह, ‘उम्मीद है दोनों देशों के बीच शांति लाने पर होगी बात’

फारुख अब्दुल्लाह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर दोनों देशों के बीच दोस्ती से शांति लाने का प्रयास करेंगे। वो इस बात से खुश हैं कि जयशंकर को पाकिस्तान बुलाया गया है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के पाकिस्तान में SCO की बैठक में शामिल होने पर नेशनल कांफ्रेंस नेता फारुख अब्दुल्लाह ने शनिवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वहां जाकर जयशंकर नफरत से नहीं दोस्ती से शांति कैसे लाइ जाए इस पर बात करेंगे।

विश्व की सुरक्षा का हल युद्ध नहीं है

नेशनल कांफ्रेंस के लीडर ने कहा कि यह एक अच्छी चीज है। वो खुश हैं कि पाकिस्तान ने उन्हें बुलाया है और वो जा रहे हैं।इसके साथ ही उन्होंने इजराइल के हमलों को लेकर कहा कि अगर हम विश्व की सुरक्षा करना चाहते हैं तो युद्ध इसका हल नहीं है। इसमें बेगुनाहों की जान जाती है।

SCO की बैठक में शामिल होंगे विदेश मंत्री एस जयशंकर

दरअसल विदेश मंत्री एस जयशंकर 15-16 अक्टूबर को होने वाली SCO की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान जाएंगे। पाकिस्तान ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शंघाई सहयोग संगठन की काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक का निमंत्रण दिया था। पाकिस्तान की मेजबानी में ऐसा पहली बार होगा जब कोई भारतीय मंत्री इस शिखर सम्मेलन में भाग लेगा।

यह सम्मेलन इस्लामाबाद में होगा। इससे पहले मंत्री स्तरीय बैठक होगी। SCO में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उस्बेकिस्तान शामिल हैं। यह क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को लेकर सहयोग के बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करता है।

2023 में भारत में वर्चुअली हुई थी बैठक

इससे पहले 2023 में भारत ने वर्चुअली एक बैठक का आयोजन किया था। इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शामिल हुए थे। उस समय पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल अली भुट्टो गोवा में विदेश मंत्रियों के परिषद की 2 दिवसीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे। खास बात यह थी कि वह 12 सालों में भारत का दौरा करने वाले पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री थे।

दोनों देशों के बाच तनावपूर्ण इतिहास रहा है

इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच तनावपूर्ण इतिहास रहा है। विशेषकर कश्मीर का मुद्दा और पाकिस्तान की सीमा से आ रहा आतंकवाद इसकी वजह रहा है। भारत निरंतर इस बात पे जोर देता रहा है कि ऐसा वातावरण बनाया जाए जो आतंकवाद रहित हो।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

इस बैठक में प्रमुख रूप से आतंकवाद, कट्टरपंथ, सीमा सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय व्यापार को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। साथ ही सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग और साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

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