नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। पंजाब में भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) 26 अक्टूबर को धान की खरीद में देरी और अन्य मांगों के सिलसिले में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन को चक्का जाम रणनीति के रूप में संगरूर, मोगा, फगवाड़ा और बटाला जैसे चार स्थानों पर किया जाएगा जहां किसान सड़कें जाम करेंगे। अगर उसके बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो किसान अनिश्चितकाल तक प्रदर्शन करना जारी रख सकते हैं।
नाकाबंदी करेंगे किसान
भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन को किया जा रहा है क्योंकि राज्य सह क्षेत्र में धान खरीद की प्रक्रिया में धीमा चलता जा रहा है। किसान दोपहर को प्रमुख स्थानों पर सड़कों पर उतरेंगे और नाकाबंदी जारी रखेंगे जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता।
CM भगवंत मान ने अमित शाह से की बात
इस बीच पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से सहायता मांगी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बातचीत में चावल उत्पादकों की जरूरतों को पूरा करने और खरीद प्रक्रिया को बेहतर बनाने की अपील की है। मान ने बताया कि पंजाब की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है और राज्य का खाद्य भंडारण में बड़ा योगदान है।
पूर्व CM अमरिंदर सिंह ने पंजाब सरकार की आलोचना की
केंद्रीय मंत्री और मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए सही व्यवस्था नहीं की और प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए दबाव बनाया। बिट्टू ने बकाया भुगतान को कम करने और गेहूं की आपूर्ति बनाए रखने की मांग की। आपको बता दें कि रवनीत सिंह ने किसानों से मुलाकात की और एशिया की सबसे बड़ी खन्ना अनाज मंड़ी का दौरा किया।
धान खरीदी के लिए बैठक
दिल्ली में भी एक बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भाग लिया। इस बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल थे। इसमें धान की खरीद में सुधार लाने और 15 नवंबर तक पर्याप्त मिलिंग सुविधाएं सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। मान ने चेतावनी दी कि यदि खरीद में देरी हुई तो इससे गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।





