नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी नतीजों के बाद जहां कई दल मंथन में जुटे हैं, वहीं जन सुराज पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। भोजपुरी के मशहूर सिंगर और अभिनेता रितेश पांडेय ने जन सुराज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोमवार 12 जनवरी 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए दी। रितेश पांडेय का इस्तीफा जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि रितेश अपने इलाके में काफी लोकप्रिय चेहरा हैं और उनके बड़ी संख्या में समर्थक हैं।
”मुझे कोई अफसोस नहीं है”
अपने पोस्ट में रितेश पांडेय ने लिखा, “एक जिम्मेदार भारतीय होने के नाते और अधिकार से मैंने जन सुराज पार्टी के साथ जुड़कर लोकतंत्र के महापर्व में भाग लिया। परिणाम अनुकूल नहीं रहे, लेकिन मुझे इसका तनिक भी अफसोस नहीं है क्योंकि मैंने अपना काम ईमानदारी से किया। उन्होंने आगे लिखा कि अब वे उसी काम के जरिए लोगों की सेवा करना चाहते हैं, जिससे उन्हें पहचान और सम्मान मिला। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना उनके लिए मुश्किल हो रहा था, इसलिए उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला लिया। बता दें कि रितेश पांडेय ने बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज की सदस्यता ली थी। पार्टी ने उन्हें रोहतास जिले की करगहर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। रितेश पांडेय पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरे और खुद प्रशांत किशोर ने भी उनके लिए प्रचार किया था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिल सकी। करगहर सीट से जेडीयू उम्मीदवार वशिष्ठ सिंह ने जीत हासिल की थी और उन्होंने करीब 35,676 वोटों के अंतर से रितेश पांडेय को हराया था।
जन सुराज का खाता भी नहीं खुला
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस जन सुराज पार्टी को लेकर प्रशांत किशोर सरकार बनाने तक का दावा कर रहे थे, वह एक भी सीट नहीं जीत सकी। पार्टी का खाता तक नहीं खुला, जिससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी निराशा फैल गई। चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद अब पार्टी के भीतर असंतोष और इस्तीफों का दौर शुरू होता दिख रहा है। रितेश पांडेय का इस्तीफा इसी कड़ी का बड़ा संकेत माना जा रहा है। रितेश पांडेय ने अपने पोस्ट में साफ किया है कि वे राजनीति से हटकर अपने उसी काम के जरिए लोगों की सेवा जारी रखेंगे, जिससे उन्हें पहचान मिली यानी संगीत और कला के माध्यम से। हालांकि, उन्होंने भविष्य की किसी राजनीतिक योजना का खुलासा नहीं किया है।





