नई दिल्ली, 1 दिसंबर (आईएएनएस)। केंद्र अंतर्राष्ट्रीय उड़ान संचालन को फिर से शुरू करने पर कोई अंतिम निर्णय लेने से पहले कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट से पैदा हुई स्थिति पर निगरानी कर रहा है। नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए के अनुसार, बदलती स्थिति पर हितधारकों से परामर्श किया जा रहा है। डीजीसीए ने बुधवार को जारी एक सर्कुलर में कहा, नए वेरिएंट ऑफ कंसर्न के सामने आने के साथ पैदा हुई वैश्विक परेशानी को देखते हुए सभी हितधारकों के परामर्श से स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है। इससे पहले, भारत ने 15 दिसंबर से कर्मिशियल अंतर्राष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने की अनुमति देने का फैसला किया था। हालांकि, सरकार ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जोखिम के रूप में पहचाने जाने वाले देशों से परिचालन फिर से शुरू होगा। जोखिम वाले देशों की सूची में 10 से अधिक देश हैं, जिनमें यूरोप, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना और चीन के देश शामिल हैं। मार्च 2020 के अंत में कोविड-19 के प्रसार की जांच के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण यात्री हवाई सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था, जबकि घरेलू उड़ान सेवाएं 25 मई, 2020 से फिर से शुरू हुईं, अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवाओं को केवल द्विपक्षीय बबल समझौतों के माध्यम से बनाए रखा गया था। भारत का 28 देशों के साथ एयर बबल समझौता है। –आईएएनएस एचके/एसजीके





