नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा एक्शन लिया है। दोनों नेताओं के खिलाफ चार्जशीट के बीच लखनऊ में स्थिति नेशनल हेराल्ड की एक कामर्शियल काम्पलेक्स को जब्त कर लिया। ईडी ने लखनऊ के कैसरबाग में स्थित नेशनल हेराल्ड से जुड़े एक कामर्शियल काम्पलेक्स को जब्त कर लिया।
ईडी द्वारा जब्त किए गए इस कामर्शियल काम्पलेक्स की कीमत करीब 64 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई ईडी की दिल्ली टीम ने की है। ईडी ने कार्यालय पर नोटिस चस्पा करते हुए इसे अवैध संपत्ति घोषित कर दिया है। ईडी का यह एक्शन ऐसे मौके पर हुआ है जब जांच एजेंसी के खिलाफ ही लखनऊ समेत सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस का धरना विरोध प्रदर्शन हो रहा था। कांग्रेस कल देशभर में ईडी कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।
ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 5(1) के तहत की गई है। नोटिस में साफ तौर लिखा गया है कि यह संपत्ति अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की श्रेणी में आती है, जिसे ईडी ने जब्त किया है। चस्पा किए गए इस नोटिस पर ईडी के डिप्टी डायरेक्टर नवनीत राणा के दस्तखत है। और 9 अप्रैल 2025 की तारीख दर्ज की गई है। वही, ईडी की इस कार्रवाई के बाद जार्चशीट के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी को एक बड़ा झटका लगा है।
नेशनल हेराल्ड मामले से जुड़ी है संपत्ति
ईडी के इस ऐक्शन के बाद नेशनल हेराल्ड का लखनऊ कार्यालय बंद हो गया है। और पूरे कॉम्प्लेक्स पर ताला जड़ा दिया गया है। जिस इमारत पर ताला लगा है, वह भी नेशनल हेराल्ड की संपत्ति का हिस्सा है। सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई भी ईडी की देशभर में की जा रही उस जांच का हिस्सा है, जो नेशनल हेराल्ड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में की जा रही है।
इससे पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इस तरह की कार्रवाई ईडी इससे पहले दिल्ली और महाराष्ट्र में भी कर चुकी है। इन राज्यों में इसी तरह की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है। ईडी ने यह कदम इस मामले से जुड़े आर्थिक लेन-देन की गहन जांच के बाद उठाया है। लखनऊ स्थित नेशनल हेराल्ड कार्यालय की संपत्ति को अटैच करने के बाद इस केस में जांच और तेज होती नजर आ रही है। वही, कांग्रेस पार्टी इस कार्रवाई को बदले की राजनीति बता रही है





