नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। झारखंड में जल जीवन मिशन में अनियमितता बरतने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 20 ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी IAS अधिकारी मनीष रंजन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री के निजी कर्मचारी मिथिलेश ठाकुर, कुछ सरकारी अधिकारियों, ठेकेदारों और व्यापारियों के परिसरों में की गई। आधिकारिक सूत्रों की ओर से यह जानकारी दी गई है।
इन अधिकारियों के ठिकानों पर हुई रेड
एस के गैस एजेंसी के मालिक विजय अग्रवाल, चाइबासा के मंत्री मिथिलेश ठाकुर के भाई विनय ठाकुर, IAS अधिकारी मनीष रंजन, डोरंडा में मिखलेश ठाकुर के पर्सनल सेक्रेट्री हरेंद्र सिंह, पेयजल के कई इंजीनियरों, रांची के इंद्रपुरी में विजय अग्रवाल के घर सहित 20 से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई है।
कहां- कहां की गई रेड
एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के कार्यालय से सोमवार सुबह टीम रवाना हुई और कई जगहों पर पहुंचकर छापेमारी शुरू कर दी। मिखलेश ठाकुर के भाई विनय ठाकुर और उनके पीएस हरेंद्र सिंह के ठिकानों पर रेड की गई। IAS अधिकारी मनीष रंजन के घर पर भी रेड की गई।
कई मामलों में की गई है FIR
कई मामलों में FIR भी रजिस्टर्ड कराई गई है। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन का उद्देश्य घर घर नल के जरिए स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। जांच एजेंसी की टीम मामले में विस्तृत जांच कर रही है। वह अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी छापेमारी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले जमीन घोटाला मामले में ईडी की टीम ने रांची, धनबाद, बोकारो में छापेमारी की गई थी। यह कार्रवाई जमीन कारोबारी संजीव पांडेय की रांची के एक थाने में शिकायत के आधार पर हुई थी। जमीन कारोबारी ने आरोप लगाया था कि सुजीत कुमार नामक शख्स ने कांके अंचल से जुड़े जमीन घोटाला मामले में ईडी को मैनेज करने के नाम पर छह करोड़ रुपये की ठगी की थी।





