नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित घर पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उनके बेटे चैतन्य बघेल से जुड़ी एक कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है।
सोशल मीडिया पर भूपेश बघेल ने दी जानकारी
भूपेश बघेल ने खुद एक्स पर पोस्ट कर रेड की जानकारी दी। उन्होंने लिखा: “ED आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में साहेब ने ED भेज दी है। उनकी इस टिप्पणी से यह साफ झलकता है कि वे इस छापेमारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित मान रहे हैं।
ईडी का बयान: शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
ED ने कहा है कि वह रायपुर के कथित शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है, और इसी सिलसिले में छापेमारी की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि चैतन्य बघेल इस घोटाले से अर्जित अवैध पैसों के लाभार्थी हैं। ईडी ने मार्च 2025 में भी इसी मामले में छापा मारा था। ईडी के मुताबिक, इस शराब घोटाले में 2,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई हुई। एक संगठित शराब सिंडिकेट ने यह रकम राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाकर कमाई। इस सिंडिकेट में चैतन्य बघेल की भूमिका की जांच की जा रही है।
विधानसभा सत्र के अंतिम दिन हुई कार्रवाई
जब यह छापेमारी हुई, उस समय छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र चल रहा था। भूपेश बघेल का कहना है कि वह सत्र में पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठाने वाले थे, लेकिन तभी यह कार्रवाई कर दी गई। अब तक भूपेश बघेल या उनके बेटे चैतन्य की ओर से इस मामले में कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ईडी ने भी यह स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आगे और सबूत जुटाए जा रहे हैं। ईडी की इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मच गई है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री इसे सत्ताधारी दल की राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं, वहीं ईडी इसे एक कानूनी प्रक्रिया के तहत जरूरी कार्रवाई मान रही है। अब देखना होगा कि जांच आगे क्या मोड़ लेती है।





