नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बाड़मेर जिले में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति ‘दिशा’ की बैठक में सांसद और विधायक अधिकारियों के कामकाज से नाराज दिखे। उन्होंने कलेक्टर टीना डाबी की मौजूदगी में अफसरों पर सवालों की बौछार कर दी।
चार साल बाद हुई बैठक, जवाब नहीं मिले तो भड़के नेता
इस बैठक को होने में 4 साल का लंबा समय लग गया। इसके बाद भी जब सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और निर्दलीय विधायक रविंद्र भाटी ने विकास कार्यों को लेकर सवाल पूछे तो अफसर गोल-गोल जवाब देते रहे। इस पर दोनों जनप्रतिनिधियों ने नाराज होकर पूछा, “क्या आप मीटिंग में सिर्फ समोसा खाने आते हैं? उन्होंने कहा कि जब जवाब ही नहीं देने तो मीटिंग बुलाने का क्या फायदा? यह जनता के पैसों की बर्बादी है।
कलेक्टर टीना डाबी ने साधी चुप्पी
बैठक के दौरान जब सांसद ने कलेक्टर टीना डाबी से जवाब पूछा तो उन्होंने कुछ नहीं कहा और चुप रहीं। इस दौरान अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली।
तीन दिन पहले कलेक्ट्रेट परिसर में हुई यह बैठक अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। सांसद और विधायक के तंज वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं।
‘मीटिंग क्यों करवाते हैं?’
इस दौरान एक ओर जहां सांसद उम्मेदाराम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई, तो दूसरी ओर विधायक रविंद्र भाटी कलेक्टर टीना डाबी पर ही भड़क गए। उन्होंने कहा मीटिंग क्यों करवाते हैं? मीटिंग में हम लोगों का समय खराब किया। ये जो भी प्लान है उसकी चर्चा मीटिंग में होती है। अगर अकेले में मीटिंग करनी थी तो अकेले में कर लेते। क्यों बुलाया फिर? जिसके बाद सांसद उम्मेदाराम ने कलेक्टर से इसके बारे में जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि जब अपनी मर्जी से ही काम करना था तो फिर कर लेते हमें क्यों बुलाया। इसी दौरान विधायक भाटी फिर भड़क गए। उन्होंने कहा 4 साल बाद मीटिंग हो रही है और फिर भी कुछ काम नहीं। इसके बाद अब अगली मीटिंग 4 साल बाद ही होगी। तो मतलब चार साल बाद जो मीटिंग की वो समोसा खाने के लिए की। सभी के इतने काम हैं उसके बावजूद चार साल बाद मीटिंग हो रही है।





