नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र को गुरुवार 21 अगस्त को उस वक्त सन्न रह गया, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अचानक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रसिद्ध गीत ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ गाना शुरू कर दिया। यह दृश्य न केवल विपक्ष बल्कि खुद कांग्रेस खेमे के लिए भी चौंकाने वाला था।
बता दे, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार 21 अगस्त को विधानसभा में उस समय सबको चौंका दिया, जब उन्होंने अचानक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गीत गाकर विवाद खड़ा कर दिया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण के दौरान RSS की तारीफ की थी। जिसे लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी की आलोचना की थी। अब वहीं डीके शिवकुमार के इस गाने ने सभी को चौंका दिया।
डीके शिवकुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है, जिसमें वे RSS का गीत “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” गाते हुए नजर आ रहे हैं। उनका यह अंदाज कांग्रेस के लिए भी चौंकाने वाला रहा। जहां कांग्रेस हमेशा आरएसएस और भाजपा के खिलाफ रहती है, वहीं डीके शिवकुमार आरएसएस का एंथम ही गा दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके ज्यादा नेता अब RSS की तारीफ करते हैं।
जहां भाजपा विधायकों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया, वहीं कांग्रेस नेता एक-दूसरे का चेहरा ताकते नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है। अब वहीं शिवकुमार के इस अप्रत्याशित कदम के बाद सियासी गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। क्या डीके शिवकुमार भाजपा का दामन थामने वाले हैं? क्या यह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कोई इशारा है। हालांकि, इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए खुद डिप्टी सीएम ने सफाई दी। उन्होंने कहा मैं जन्मजात कांग्रेसी हूं। मैंने यह गीत इसलिए गाया क्योंकि मैं विरोधी विचारधाराओं को भी समझना चाहता हूं।और संगठन के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
भाजपा का तंज – ‘कांग्रेस के नेता भी अब संघमय!’
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस मौके को कांग्रेस पर हमला करने से नहीं छोड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, अब कांग्रेस के अंदर भी संघ की धुन बजने लगी है। राहुल गांधी को अब उनके अपने लोग भी गंभीरता से नहीं लेते।”उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के अंदर गुटबाजी चरम पर है और कई नेता पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं।
क्या है ‘नमस्ते सदा वत्सले’?
यह RSS का प्रमुख प्रार्थना गीत है।
इसे शाखाओं में रोज़ गाया जाता है।
इसकी रचना 1940 में श्रीनिवास रामानुज लाजमुनि ने की थी।
विधानसभा में यह बहस बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हाल ही में हुई भगदड़ को लेकर हो रही थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। भाजपा ने इस पर सरकार को घेरा। इसी बीच चर्चा के दौरान शिवकुमार ने अपने बचाव में संघ के गीत की पंक्तियां पढ़नी शुरू कर दीं, और वह पूरा गीत गा गए।
कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान या नई रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह घटनाक्रम महज एक ‘भावनात्मक प्रतिक्रिया’ नहीं, बल्कि कांग्रेस की बदलती रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। डीके शिवकुमार को लंबे समय से कांग्रेस के भीतर “सीएम पद के दावेदार” के रूप में देखा जाता रहा है।





