नई दिल्ली, 24 जून (हि.स.)। दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली हिंसा के आरोपित आसिफ इकबाल तान्हा के जामिया नगर के नए पते का नए सिरे से सत्यापन कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। एडिशनल सेशंस जज अमिताभ रावत ने जांच अधिकारी से 15 जुलाई तक सत्यापन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। दरअसल, पिछले 17 जून को कड़कड़डूमा कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली हिंसा के तीन आरोपितों को रिहा करने का आदेश दिया था। जिन आरोपितों को रिहा करने का आदेश दिया गया था, उनमें आसिफ इकबाल तान्हा के अलावा देवांगन कलीता और नताशा नरवाल शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने मांग की थी कि आरोपितों के जमानतियों के वेरिफिकेशन के लिए तीन दिन का समय दिया जाए। दिल्ली पुलिस की इस मांग को कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा था कि जमानत मिलने के बाद वेरिफिकेशन के लिए आरोपितों को जेल में बंद कर नहीं रखा जा सकता है। आसिफ इकबाल तान्हा की ओर से वकील सौझन्य शंकरन ने कहा कि तान्हा आमतौर पर जामिया नगर के अबुल फजल एनक्लेव में रहता है। आरोपित के पास पासपोर्ट नहीं है और उसने अपना फोन नंबर स्पेशल सेल के अधिकारी को दे रखा है। दिल्ली पुलिस की ओर से वकील अमित प्रसाद ने कहा कि तान्हा के झारखंड के पते का सत्यापन कर लिया गया है औऱ दो जमानतियों के स्टेटस का भी सत्यापित कर लिया गया है। अमित प्रसाद ने कहा कि तान्हा का अबुल फजल एनक्लेव शाहीन बाग का पता गलत है और वहां वह कभी नहीं रहा। इस पर शंकरन ने कहा कि तान्हा अपनी गिरफ्तारी के पहले शाहीन बाग वाले पते पर रहता था लेकिन अब उसका किरायानामा समाप्त हो चुका है। इस पर कोर्ट ने तान्हा से उसका पता पूछा। कोर्ट ने तान्हा के दो जमानतियों की ओर से जमानत के रूप में पचास-पचास हजार रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट और राष्ट्रीय लघु बचत योजना की रसीद स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने जांच अधिकारी को तान्हा के रिहायशी ठिकाने का वेरिफिकेशन रिपोर्ट 15 जुलाई तक कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया। आसिफ इकबाल तान्हा जामिया यूनिवर्सिटी का छात्र है। उसे मई 2020 में दिल्ली हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय/ पवन




