नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली‑एनसीआर में मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक स्थिति में पहुँच गई है। शहर के कई इलाकों में धुंध जैसी परत छा रही है, और राजधानी में बहुत खराब श्रेणी में AQI दर्ज किया गया है। सुबह करीब 7 बजे राष्ट्रपति भवन के आसपास का नज़ारा अँधेरे जैसा था चकमक़ी तरह की धुंध और कम विजिबिलिटी ने माहौल को और भयावह बना दिया। ठंडी हवाओं की कमी और हवा का ठहराव प्रदूषक कणों को जमीन के करीब जमा कर रहा है।
AQI के आंकड़े बताते हैं गंभीरता
कुछ प्रमुख स्थानों पर AQI इस तरह दर्ज हुआ है चांदनी चौक- 390, आरके पुरम: -397, आईटीओ: -384, पंजाबी बाग – 411,- पटपड़गंज – 401, पूसा: – 360, द्वारका सेक्टर‑8 – 386 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड Central Pollution Control Board CPCB के अनुसार, 301-400 ‘बहुत खराब’ श्रेणी है और 401-500 ‘गंभीर’ श्रेणी।
GRAP नियमों में बदलाव, सरकार-कार्यालय में एडवाइजरी
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे NCR क्षेत्र के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) में संशोधन किया है। अब ‘गंभीर’ श्रेणी में आए उपायों को जल्दी लागू किया जाएगा। निजी कंपनियों को कहा गया है कि – ऑन-साइट काम 50 % कर्मचारियों के साथ करें और बाकी वर्क-फ्रॉम-होम करें। केंद्र सरकार भी सरकारी कार्यालयों में घर से काम करने पर विचार कर सकती है।
विपक्ष बोला: आंकड़ों में छेड़-छाड़ और कार्रवाई में देरी
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि वायु गुणवत्ता के आंकड़ों में हेर-फेर हो रहा है और सिस्टम समय पर काम नहीं कर रहा, जिसके कारण यह स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल जैसी बन गई है। वायु प्रदूषण रोकने में सरकारी विफलता के आरोपों को लेकर कुछ लोगों ने रविवार भी इंडिया गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंका है। कुछ घायल पुलिसकर्मी आरएमएल अस्पताल में भर्ती हैं।





