नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तर भारत के बड़े हिस्से इन दिनों घने कोहरे की चादर में लिपटे हुए हैं, लेकिन प्रदूषण और धुंध की सबसे गंभीर मार राजधानी दिल्ली पर पड़ रही है। दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे सांस लेना तक चुनौती बन गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक आने वाले तीन दिनों तक घना कोहरा बना रहेगा और कई क्षेत्रों में दृश्यता 100 मीटर से नीचे पहुंच चुकी है। इसका असर सड़कों पर यातायात, रेल सेवाओं, उड़ानों और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है।
दिल्ली-NCR में कोहरे का कहर
दिल्ली-एनसीआर में आज शुक्रवार सुबह घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया, जहां पालम और सफदरजंग समेत कई इलाकों में दृश्यता काफी घट गई। मौसम विभाग ने सुबह 5 बजे से 8 बजे के बीच अतिरिक्त सावधानी बरतने की चेतावनी दी है, इसी को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है ताकि हादसों की आशंका को कम किया जा सके।
बीते 24 घंटों में राजधानी और आसपास के क्षेत्रों पर कोहरे और प्रदूषण की मोटी परत बनी रही। मौसम विभाग के मुताबिक 19 दिसंबर के अलावा 21 और 22 दिसंबर को भी हालात ऐसे ही बने रह सकते हैं। विभाग ने बताया कि कोहरा देर रात और तड़के के समय अधिक घना हो सकता है, जिससे दृश्यता और यातायात पर असर पड़ने की संभावना है।
दिल्ली में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन
राजधानी दिल्ली में 18 दिसंबर को मौजूदा सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान अधिकतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। एक दिन पहले यानी 17 दिसंबर की तुलना में दिन के तापमान में चार डिग्री से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
प्रदूषण की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 19 दिसंबर को दिल्ली का औसत AQI 346 दर्ज किया गया। शहर के 14 इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार चला गया, जिससे हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। पटपड़गंज में सबसे गंभीर हालात देखने को मिले, जहां AQI 470 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, कम रफ्तार की हवाएं और घना कोहरा प्रदूषण को और गंभीर बना रहे हैं, जिससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
कोहरे और प्रदूषण से फिलहाल राहत नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक इस समय पंजाब से लेकर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार तक घने कोहरे की एक व्यापक परत फैली हुई है। राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का स्तर अभी ऊंचा बना रहने की आशंका है और अगले दो से तीन दिनों तक हालात में खास सुधार के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार 20 से 22 दिसंबर के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय हो सकता है। इसके असर से पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है, जबकि उत्तरी हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। दिल्ली में इस दौरान बादल छाए रहने की उम्मीद है और 22 दिसंबर के बाद तापमान में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी।





