नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली को साफ, स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त राजधानी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को 500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस राशि का इस्तेमाल शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने, सड़कों की मरम्मत कराने और धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि भविष्य में सरकार हर साल 300 करोड़ रुपये की नियमित सहायता MCD को देती रहेगी, ताकि सफाई व्यवस्था लंबे समय तक मजबूत बनी रहे।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक
इस फैसले को लेकर दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, MCD आयुक्त संजीव खिरवार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इन जरूरी कामों पर खर्च होंगे 500 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह राशि कई अहम कामों में खर्च की जाएगी। इसमें कचरा प्रबंधन से जुड़ी कंपनियों का पुराना बकाया चुकाना कूड़ा उठाने और ढोने में होने वाले मासिक घाटे की भरपाई ठेकेदारों के बिना वाले इलाकों से कचरा हटाना सड़कों के गड्ढे भरना और छोटे-मोटे पैच रिपेयर कराना इन कार्यों से सड़कों पर उड़ने वाली धूल कम होगी और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।
वित्तीय नियमों का पालन जरूरी, होगी कड़ी निगरानी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD को निर्देश दिए हैं कि दी गई राशि का उपयोग केवल तय उद्देश्यों के लिए ही किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी वित्तीय नियमों का पालन अनिवार्य होगा और खर्च पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। MCD को समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र भी देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित दिल्ली के लिए साफ और प्रदूषण-मुक्त वातावरण बेहद जरूरी है। कूड़े-कचरे और सड़कों की धूल भी प्रदूषण बढ़ाने का बड़ा कारण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आधुनिक सफाई मशीनें खरीदने, कूड़े से ऊर्जा बनाने वाले नए प्लांट लगाने और पुराने प्लांट को अपग्रेड करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में हरित कचरे के बेहतर निपटान के लिए आधुनिक मशीनें लगाने पर भी जोर दिया गया है।





