नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इंडिया गठबंधन ने लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी को कड़ी टक्कर दी है। यह बात अलग है कि इंडिया गठबंधन एनडीए को सरकार बनाने से रोक नहीं पाई। लेकिन इंडिया गठबंधन ने इस बार बीजेपी को बहुमत का आकड़ा नहीं छूने दिया। जिसके कारण बीजेपी को अपने एनडीए के सहयोगी दलों से समर्थन लेकर एनडीए की सरकार बनानी पड़ी। लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम ने इंडिया गठबंधन में एक उत्साह भर दिया था। वहीं लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम ने इंडिया गठबंधन में दरार पैदा करने का काम भी शुरू कर दिया है।
हरियाणा में इस साल विधानसभा के चुनाव होंगे
इसको लेकर दिल्ली और हरियाणा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच में दरार पैदा हो गई है। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच दरार पैदा हो गई है। हरियाणा में इस साल विधानसभा के चुनाव होंगे। कांग्रेस हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी से किसी तरह का गठबंधन नहीं करना चाहती है। हरियाणा में लोकसभा चुनाव में जहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन में कांग्रेस को पांच लोकसभा सीटों में जीत मिली। वहीं आम आदमी पार्टी को कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
आम आदमी पार्टी ने कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट में मिली हार का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने इस सीट पर प्रयाप्त समर्थन नहीं किया। वहीं हरियाणा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पष्ट कर दिया है कि हरियाणा के आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस आम आदमी पार्टी के साथ किसी तरह का गठबंधन नहीं करेगी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर ही गठबंधन बना था। इसका विधानसभा चुनाव से कोई लेना देना नहीं है। कांग्रेस लोकसभा चुनाव में हरियाणा में पांच लोकसभा सीटें जीती है, जिसको लेकर हरियाणा कांग्रेस का विधानसभा चुनाव को लेकर आत्मविश्वास बना हुआ है।
वहीं दिल्ली में भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन टूट गया है
वहीं दिल्ली में भी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन टूट गया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने मीडिया से बात करते हुए साफ़ कर दिया है कि उनकी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी। जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों में मिली हार के कारण कांग्रेस के साथ दिल्ली विधानसभा के चुनाव में किसी भी तरह का गठबंधन नहीं करना चाहती है। जानकारी के लिए बता दें कि लोकसभा चुनाव में दिल्ली में कांग्रेस और आप ने मिलकर 7 लोकसभा सीटों में चुनाव लड़ा था। जहां आप ने दिल्ली में 4 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा, वहीं कांग्रेस ने दिल्ली की 3 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा। लेकिन दोनों पार्टी का दिल्ली में गठबंधन लोकसभा चुनाव 2024 में कोई कमाल नहीं दिखा पाया। दोनों पार्टी दिल्ली में एक भी लोकसभा की सीट नहीं जीत पायी।
अब महाराष्ट्र में भी कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच भी दरार पड़ गयी है
लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम के बाद अब महाराष्ट्र में भी कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच भी दरार पड़ गयी है। महाराष्ट्र में विधान परिषद शिक्षक और स्नातक कोटे के चुनाव को लेकर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच तकरार शुरू हो गयी है। शिवसेना (यूबीटी) ने एमएलसी चुनाव के लिए चारों सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। जिससे कांग्रेस पार्टी नाराज हो गयी है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने इसको लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि एमएलसी चुनाव को लेकर उद्धव ठाकरे ने उनकी पार्टी से कोई भी चर्चा नहीं की। न ही वे इसको लेकर हमारा फ़ोन उठा रहे हैं। नाना पटोले की उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) से मांग है कि शिवसेना (यूबीटी) नासिक और कोकण में अपने प्रत्याशी का नाम वापस लें। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे का कहना है कि कांग्रेस इन सीटों पर प्रभावी नहीं है।





