नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । देश भर में कोरोना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी है। देश के अलग-अलग राज्यों में नए मामलों से लोग डरे हुए है। लोगों पर एक बार फिर कोरोना का डर सताने लगा है। कर्नाटक में कोविड-19 से एक और मौत होने की पुष्टि हुए है। इसी के बाद कर्नाटक में कोविड से मरने वालों की संख्या सात पहुंच गई है। कर्नाटक के दावणगेरे में वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई। वह व्यक्ति कोरोना से संक्रमित था। इसके अलावा, वह अन्य बीमारी से भी पीडि़त था। कर्नाटक में इसी के साथ कोविड-19 से मरने वालों के संख्या सात पहुंच गई है।
देशभर में कितने एक्टिव केस
गुरुवार को कर्नाटक में संक्रमित कुल मामले 65 थे, जिससे जनवरी से अब तक सामने आए कुल मामले 796 हो गए हैं। वहीं, पूरे देश की बात करें तो देश में फिलहाल 4866 एक्टिव केस हैं। वहीं, 3960 लोग डिसचार्ज हुए हैं। दिल्ली में कोरोना के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 562 हो गई है। वहीं, अब तक कोविड से दिल्ली में 2 और महाराष्ट्र में 3 लोगों की मौत हुई है।
कोरोना के एक्टिव केस
देश के कई राज्यों में कोरोन की स्थिति गंभीर होती जा रही है। हर दिन नए सक्रमित मामले सामने आ रहे है। अब तक आंध्रप्रदेश में एक्टिव मामले 50 है, महाराष्ट्र में 526, राजस्थान 103, तमिलनाडु 213, असम 8, बिहार 31, चंडीगण 2, छत्तीसगढ़ 19, दिल्ली 562, गोवा 8, गुजरात 508, हरियाणा 63, हिमाचल प्रदेश 1, जम्मू-कश्मीर 5, झारखंड 8, कर्नाटक 436, केरल 1487, उत्तर प्रदेश 198, पश्चिम बंगाल 538 मामले है।
कोविड को लेकर एडवाइजरी
कोविड-19 के खतरे को देखते हुए सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। सभी से दो गज की दूरी बनाने और मास्क पहनने के लिए कहा गया है। साथ ही संक्रमण के किसी भी तरह के लक्ष्ण दिखने पर तुरंत एक्शन लेने, यानी डॉक्टर को दिखाने और टेस्ट कराने की एडवाइजरी भी दी गई है।
अस्पतालों को किया जा रहा तैयार
वही, इससे पहले भी देश ने कोरोना का वो बुरा मंजर देखा है। जिससे हालात बेहत खराब हो गए थे। जहां अस्पतालों में लोगों के लिए बेड मिलना मुश्किल हो गया था। ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी देखी गई थी। ऐसे में अब अब जब एक बार फिर कोविड का खतरा मंडराने लगा तो सभी लोग सतर्क हो गए हैं।
अस्पतालों को हर तरह के हालातों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। अस्पतालों में मॉक ड्रिल किया जा रहा है। जिसमें अधिकारी देश के प्रमुख अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति, जरूरी दवाओं का स्टेट्स और वेंटिलेटर की उपलब्धता से संबंधित व्यवस्थाओं की जांच करेंगे।





