नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भगवा रंग को लेकर देशभर में कई बार विवाद उठ चुका है। कई बार देखा गया है कि भगवा रंग को लेकर राजनीति भी होने लगती है। कभी किसी एक्ट्रेस की भगवा ड्रेस पर बवाल होता है, तो कभी भगवा रंग के टिशू पेपर पर। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NDRF की भगवा रंग की यूनिफॉर्म पर दिलचस्प टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अगर वे यूनिफॉर्म का रंग बताएंगे, तो शायद कई लोग नाराज हो जाएंगे। हालांकि, उनका यह भी कहना था कि भगवा रंग देख कर लोगों को यह एहसास होता है कि वे सुरक्षित हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी का सिलसिला तेज हो गया। आइये जानते हैं कि आखिर भारतीय सेना की यूनिफॉर्म का रंग कौन तय करता है और इन रंगों के पीछे क्या वजह रहती है?
तीनों सेनाओं की वर्दी का रंग अलग-अलग
भारतीय सेनाओं के यूनिफॉर्म के रंग न केवल उनकी पहचान हैं, बल्कि वे इनकी कार्यशैली और पर्यावरण के हिसाब से भी अनुकूलित होते हैं। आज भारत को दुनिया के शक्तिशाली देशों में शुमार किया जाता है। जहां भारतीय वायुसेना दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर वायुसेना है, वहीं थल सेना चौथे और नौसेना सातवें स्थान पर है। इन तीनों सेनाओं का अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है और इनकी यूनिफॉर्म का रंग भी प्रत्येक सेना की पहचान है। तीनों सेनाओं की वर्दी का रंग अलग-अलग होता है। वायुसेना का रंग लाइट ब्लू, नौसेना का सफेद और थल सेना का रंग ऑलिव ग्रीन है।
ऐसे तय होता है वर्दी का रंग
थल सेना, वायुसेना और नौसेना की वर्दी का रंग उनके संबंधित सैन्य दल ही तय करते हैं। इनमें बदलाव का अधिकार भी संबंधित सैन्य शाखाओं के पास होता है। यह निर्णय संगठन की कार्यशैली और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया जाता है।
थल सेना की वर्दी ऑलिव ग्रीन
भारतीय थल सेना की यूनिफॉर्म का रंग ऑलिव ग्रीन है। द्वितीय विश्व युद्ध से पहले सेना की वर्दी का रंग खाकी हुआ करता था, लेकिन समय के साथ यह ऑलिव ग्रीन में बदल गया। इसका चयन इस बात को ध्यान में रखते हुए किया गया कि थल सेना अक्सर जंगलों और मुश्किल इलाकों में ऑपरेशन करती है। इस रंग के कारण सैनिक अपने परिवेश में घुल-मिल सकते हैं, और दुश्मन के लिए उन्हें पहचानना कठिन हो जाता है।
भारतीय सेना की सात अलग-अलग प्रकार की यूनिफॉर्म
भारतीय थल सेना की यूनिफॉर्म 7 विभिन्न रंगों में होती है, जिन्हें अलग-अलग अवसरों पर पहना जाता है। जिनमें सर्विस यूनिफॉर्म जो आधिकारिक कार्यों और परेड के दौरान पहना जाता है। सेरेमोनियल यूनिफॉर्म को गणतंत्र दिवस और अन्य परेड पर पहना जाता है। वहीं, कॉम्बेट यूनिफॉर्म को युद्ध और फील्ड प्रैक्टिस के दौरान, जंगल ड्रेस को जंगल अभियानों के दौरान पहनते हैं। इसके अलावा मेस ड्रेस डिनर या रिसेप्शन के लिए, विंटर ड्रेस सर्दियों के लिए होती है। जबकि पीटी ड्रेस शारीरिक प्रशिक्षण के दौरान पहनी जाती है।
नौसेना की सफेद यूनिफॉर्म
भारतीय नौसेना की यूनिफॉर्म का रंग सफेद रखा गया है। इसका कारण है कि जब समुद्र में जहाज पर ब्लैकआउट की स्थिति उत्पन्न होती है, तो सफेद रंग से राहत मिलती है। सफेद रंग दूर से दिखाई देता है और आपातकालीन स्थितियों में खोज और बचाव कार्य को सरल बनाता है। इसके अलावा, सफेद रंग हीट को रिफ्लेक्ट करता है, जिससे गर्मी से बचाव भी होता है।
एयरफोर्स की नीली यूनिफॉर्म
भारतीय वायुसेना की यूनिफॉर्म का रंग हल्का नीला है। यह रंग आकाश का प्रतीक है और शांति और एकाग्रता का संदेश देता है। यह रंग सैनिकों को अपने कार्य में बेहतर फोकस और मानसिक स्पष्टता प्राप्त करने में मदद करता है।




