नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जयपुर के हवामहल सीट से विधायक बालमुकुंद आचार्य फिर से अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में हैं। नगर निगम की ओर से बनाई जा रही मजार की छत निर्माण विवाद के बाद सरकार ने निर्माण कार्य पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी थी। अब विधायक की एक नई सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें उन्होंने लिखा, “यह हिन्दुस्तान है। इस भूमि पर सनातन संस्कृति को मानने वालों का प्रथम अधिकार है। इस सत्य से कोई समझौता नहीं हो सकता।” इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर जोरदार चर्चा शुरू हो गई है। उनके समर्थक और विरोधी दोनों ही इस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
“सनातन विरासत की रक्षा के लिए सदैव तत्पर”
बालमुकुंद आचार्य ने सनातन संस्कृति और विरासत के प्रति अपने दृढ़ रुख को दोहराया है। उन्होंने लिखा “यह हिन्दुस्तान है, जिसकी मिट्टी, संस्कृति और चेतना सनातन परंपरा से निर्मित है। परकोटे के स्वरूप और रंग में किसी भी प्रकार की छेड़-छाड़ स्वीकार्य नहीं होगी।” उन्होंने आगे कहा “लाखों सनातनियों के बलिदान से सुरक्षित यह विरासत हमारी आस्था है। आवश्यकता पड़ी तो इसकी रक्षा के लिए हर प्रकार का बलिदान देने को हम सदैव तत्पर हैं।” इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
बालमुकुंद आचार्य के बयान पर उठे सवाल
जयपुर की राजधानी, जो हमेशा से शांति और सौहार्द का प्रतीक रही है, अब बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य के बयान के बाद चर्चा में है। उनके हालिया बयान ने शहर में शांति व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहा जा रहा है ऐसे बयान, चाहे उनका उद्देश्य कुछ भी हो, संवेदनशील परिस्थितियों में तनाव बढ़ा सकते हैं और सामाजिक सामंजस्य पर असर डाल सकते हैं।
गौरतलब है कि बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य के विवादित बयानों को लेकर पहले भी पार्टी स्तर पर उन्हें कई बार फटकार झेलनी पड़ी है। हाल ही में मस्जिद के लाउडस्पीकर को लेकर उनके बयान पर पार्टी के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने स्पष्ट नाराजगी जताई। बैरवा ने कहा था “हम अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं करते।” वहीं, अब इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर चर्चा तेज हो गई है।





