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Wednesday, April 1, 2026
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तेलंगाना-हुजूराबाद सीट पर उपचुनाव रद्द करने की मांग को लेकर कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना की हुजूराबाद (31) सीट पर उपचुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए लगातार दूसरे दिन कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को चुनाव आयोग पहुंचा। कांग्रेस पार्टी ने सीट पर चुनाव रद्द कर नए सिरे से निपक्ष चुनाव कराने की मांग की है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, मनिकम टैगोर, वामशी चंद रेड्डी और डॉ श्रवण दासोजू के कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को दोपहर एक बजे निर्वाचन भवन पर मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा, तेलंगाना का हुजूराबाद उपचुनाव देश का सबसे महंगा चुनाव बन गया है। अगर वोट खरीद कर जीतना चाहते हैं, तो प्रजातंत्र का कोई मतलब नहीं है। वहां जिस तरह से वोट की खरीद फरोख्त मची है। चुनाव आयोग ने भी माना कि 3 करोड़ रुपये कैश और शराब वहां से बरामद की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से गुरुवार को भी मिला और शुक्रवार को भी मिला। चुनाव आयोग इस चुनाव को खरीज करें। वरना देश के लोगों का चुनाव से विश्वास उठ जाएगा। चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद कांग्रेस प्रवक्ता प्रोफेसर श्रवण ने कहा कि हमने चुनाव आयोग से हुजूराबाद सीट उपचुनाव को रद्द करने की मांग की है। राज्य में बीजेपी और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) दोनों पार्टियां हजारों करोड़ रुपए खर्च करके चुनाव को व्यापर बना चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आचार संहिता की अनदेखी कर चुनाव क्षेत्र में शराब का वितरण हो रहा है। लोगों को पैसे बांटे जा रहे हैं। ये बड़े पैमाने पर चुनाव प्रक्रिया और आचार संहिता का उल्लंघन है। अवैध धन, अवैध शराब वितरण के काम में स्थानीय पुलिस भी बीजेपी और टीआरएस की मदद कर रही है। ऐसे में हमने मांग की है कि स्थानीय चुनाव आयुक्त और पुलिस अधिकारियों को उपचुनाव के लिए बदला जाए। चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से किए जाएं। गौरतलब है कि तेलंगाना हुजूराबाद विधानसभा सीट पर 30 अक्टूबर को विधानसभा के उपचुनाव होने हैं। इससे पहले इस सीट पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव को चुनाव आयोग ने जनसभा करने से रोक दिया है। आयोग ने केवल हुजुराबाद विधानसभा सीट ही नहीं इसके मद्देनजर पड़ोसी हनामकोंडा और करीमनगर जिलों में भी किसी तरीके के राजनीतिक कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। आयोग ने तेलंगाना सरकार को निर्देश दिया है कि हुजुराबाद उपचुनाव तक सरकार अपनी चर्चित दलित बंधु योजना पर कोई काम न करें। उल्लेखनीय है कि इस सीट पर टीआरएस और बीजेपी में कांटे की टक्कर है। बीजेपी राज्य के 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपना शक्ति परीक्षण करना चाहती है जिसके लिए बीजेपी का ये सीट जीतना बेहद महत्वपूर्ण है। –आईएएएस पीटीके/एएनएम

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