नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को भेजा है
पार्टी नेतृत्व पर लगाया अनदेखी का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिपुन बोरा ने अपने इस्तीफे में पार्टी नेतृत्व द्वारा अनदेखी किए जाने और राज्य इकाई में उचित स्थान न मिलने की बात कही है। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से ज्यादा टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि जब जरूरत होगी, तब वह विस्तार से बात करेंगे।
किन नेताओं ने किया संपर्क?
रिपुन बोरा ने बताया कि उनके इस्तीफे के बाद कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया है। Akhil Gogoi ने कहा कि उनके दरवाजे खुले हैं। Lurinjyoti Gogoi ने भी उन्हें फोन किया। CPI(M) की ओर से भी संपर्क किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस यह तय नहीं कर पा रही है कि माजुली यात्रा में किसे साथ रखना है, तो पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े होते हैं।
कौन हैं रिपुन बोरा?
रिपुन बोरा असम की राजनीति में कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे हैं। वे पहले राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। राज्य की राजनीति में उनका मजबूत आधार माना जाता है। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। रिपुन बोरा के इस्तीफे को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। चुनाव से पहले वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ना संगठन के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बोरा आगे किस राजनीतिक दल के साथ जाते हैं और असम की सियासत में इसका क्या असर पड़ेगा।





