नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन के कारण शेख हसीना को प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। शेख हसीना को न केवल प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा, बल्कि उन्हें अपनी जान बचाकभारत में शरण लेनी पड़ी। वहीं बांग्लादेश में राजनीतिक तख्तापलट होने के बाद से हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले होने शुरू हो गए और उनके साथ अत्याचार किए जा रहे हैं। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर भारत समेत पूरी दुनिया निंदा कर रही है और इसके खिलाफ अपनी आवाज उठा रही है। वहीं बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को लेकर कर्नाटक के बेंगलुरु के शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एक बड़ी मांग कर डाली है।र
बांग्लादेश में सैन्य कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए
दरअसल कर्नाटक के कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर मांग की है कि बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए आपको वर्ष 1971 की तरह तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा बांग्लादेश में की गई सैन्य कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए। कर्नाटक के कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र के माध्यम से कहा कि एक चिंतित भारतीय नागरिक के रूप में यह पत्र लिख रहा हूं। कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो चुका है, आपको वहां की नयी सरकार से हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर तुरंत प्रभावी उपाय बनाने के लिए कहना चाहिए।
मोदी को अपने सम्मानित पद का प्रयोग करना चाहिए: रिजवान अरशद
कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्र के माध्यम से अनुरोध किया है कि बांग्लादेश में हिंदुओ के साथ हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए आपको अपने सम्मानित पद का प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए वर्ष 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह आपको बांग्लादेश में सैन्य कार्रवाई करने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करना चाहिए।
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