back to top
23.1 C
New Delhi
Monday, March 16, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

लखनऊ में शंकराचार्य के समर्थन पर कांग्रेस का पोस्टर वार, दफ्तर के बाहर लिखा- जो गुरु का अपमान करेगा वो…

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस पार्टी खुलकर शंकराचार्य के समर्थन में सामने आ गई है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस पार्टी खुलकर शंकराचार्य के समर्थन में सामने आ गई है। लखनऊ में कांग्रेस पार्टी के दफ्तर के बाहर उनके समर्थन में बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं। कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीर के साथ मौनी अमावस्या के दिन उनके बटुकों के साथ हुई कथित मारपीट को दर्शाया गया है। एक तस्वीर में बटुक हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में कथित तौर पर उनकी शिखा चोटी खींचे जाने का दृश्य दिखाया गया है।

कांग्रेस का पोस्टर वार

इन पोस्टरों में श्रीरामचरितमानस की चौपाई ‘जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही’ का भी उल्लेख किया गया है। इसके जरिए पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए प्रशासन के फैसलों को गलत बताया गया है। साथ ही पोस्टर में साफ शब्दों में लिखा गया है ‘जो गुरु या वेदाचार्य का अपमान करता है, वह भयानक नरक में गिरता है। यह होर्डिंग भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और अयोध्या विधानसभा से जुड़े नेता शरद शुक्ला की ओर से लगाए गए हैं।

उनका कहना है कि शंकराचार्य और उनके साथ मौजूद बटुकों के साथ जो व्यवहार हुआ, वह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है और इसकी निंदा होनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में संतों और धार्मिक परंपराओं का अपमान किया गया है। पार्टी ने इसे आस्था से जुड़ा मुद्दा बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर भी शंकराचार्य के समर्थन में पोस्टर लगाए जा चुके हैं। सपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां इस विवाद में खुलकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में नजर आ रही हैं। ऐसे में यह साफ है कि माघ मेले से शुरू हुआ यह मामला अब सियासी लड़ाई का रूप ले चुका है।

Advertisementspot_img

Also Read:

अब नहीं चलेगी टैक्सी की मनमानी: बुकिंग कैंसिल करने पर देना होगा तगड़ा जुर्माना, बिना रजिस्ट्रेशन टैक्सी चलाना नहीं होगा संभव

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। Uttar Pradesh सरकार ने Ola और Uber जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को नियमों के दायरे में लाने की तैयारी शुरू...
spot_img

Latest Stories

हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, Sensex-Nifty कभी लाल तो कभी हरे निशान पर

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार,...

Rajpal Yadav Birthday: पहले करते थे दर्जी का काम, फिर यूं पलटी किस्मत आज बन गए बॉलीवुड स्टार

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज के समय में सिनेमाघर...

अब आप घर पर ही बना सकती हैं हेयर कलर, अपनाएं ये ट्रिक

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में लोगों...