नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में मनरेगा और बेरोजगारी के मुद्दे पर Congress ने आज लखनऊ में विधानसभा के बहार जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी Avinash Pande, नेता विधानमंडल Aradhana Mishra Mona और विधायक Virendra Chaudhary समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होने वाले थे।
कई नेताओं को किया गया नजरबंद
घेराव से पहले ही पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया। पार्टी का आरोप है कि सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। विधानसभा के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है और बैरिकेडिंग कर दी गई है। लखनऊ में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई। कुछ जगहों पर लाठीचार्ज की भी खबर है और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
क्या है मनरेगा भुगतान का मुद्दा?
अजय राय ने आरोप लगाया कि मनरेगा मजदूरों को कई महीनों से भुगतान नहीं मिला है। उनका कहना है कि इससे गरीब और मजदूर वर्ग की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य गरीबों को 100 दिन का रोजगार देना था, लेकिन मौजूदा हालात में मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही। औरैया जिले में भी कांग्रेस की महिला जिलाध्यक्ष को लखनऊ कूच से पहले ही घर पर नजरबंद कर दिया गया। पुलिस ने उनके आवास के बाहर बल तैनात कर दिया और बाहर निकलने पर रोक लगा दी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पहुंच चुके हैं और प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हैं। कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध करना संवैधानिक अधिकार है और सरकार उसे दबाने का प्रयास कर रही है। वहीं प्रशासन का दावा है कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है।





