नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भारतीय नर्स निमिषा प्रिया से जुड़ी एक बड़ी खबरे सामने आई है। नर्स निमिषा प्रिया को यमन में सुनाई गई मौत की सजा अब पूरी तरह रद्द कर दी गई है। यह बड़ी जानकारी भारत के ग्रैंड मुफ्ती कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के कार्यालय की ओर से दी गई। हालांकि भारत सरकार ने इसे आधी अधूरी जानकारी बताया है।
अभी यमन सरकार ने इसकी लिखित या आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मिली जानकारी के मुताबिक, बताया गया है कि पहले यह सजा स्थगित की गई थी, जिसे अब पूर्ण रूप से रद्द किया गया है। यह मामला बीते कई दिनों से सुर्खियों में रहा है। हालांकि इस बात को पुख्ता आधार तभी मिलेगी जब भारत सरकार की ओर से आधिकारिक बयान सामने आएगा।
प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी के अनुसार, ग्रैंड मुफ्ती के ऑफिस ने बताया कि यमन की राजधानी सना में हुई एक हाई लेवल मीटिंग दौरान भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द करने का फैसला लिया गया है। हालांकि, यमन सरकार से अब तक इसकी आधिकारिक लिखित पुष्टि नहीं की गई है।
निमिषा प्रिया पर क्या है आरोप
भारतीय नर्स निमिषा प्रिया का मामला 2018 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। उन पर व्यवसायी पार्टनर के मर्डर कर शव को टुकड़े-टुकड़े कर ठिकाने लगाने का आरोप है। इस मामले में मार्च 2018 में उन्हें दोषी करार दिया गया था। और 2020 में यमन की कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई, जिससे यह मामला काफी विवादित बन गया।
भारतीय ईसाई प्रचारक से लगाई मदद की गुहार
इस मामले के संबंध में नर्स प्रिया के परिजन यमन गए हुए है। उनकी 13 साल की बेटी मिशेल और पति थॉमस के साथ कुछ और लोग यमन पहुंचे। वे भारतीय ईसाई प्रचारक केए पॉल के साथ मिलकर हौती अधिकारियों से प्रिया की रिहाई की अपील करने गए हैं।
मामले में विदेश मंत्रालय ने क्या कहा था
यह मामला पिछले हफ्ते, सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था जहां कोर्ट ने नर्स को न बचा पाने पर दुख जताया था। वही, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कोर्ट को बताया था कि, हम इस मामले में पूरी कोशिश कर रहे है। हालांकि, नर्स को बचाने के लिए कूटनीति रुप से प्रयास किया जा रहे है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि, वह निमिषा प्रिया और उनके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारतीय सरकार “मित्र देशों” से संपर्क में है, जो संभवतः इस मामले में मदद कर सकते हैं।





