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साल में दो बार होंगे कॉलेज और विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट

नई दिल्ली,19 अप्रैल (आईएएनएस)। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) साल में दो बार होंगे। हालांकि इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। यह परीक्षाएं साल में दो बार करने का निर्णय अगले वर्ष से लागू किया जाएगा। अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए इस एंट्रेंस टेस्ट के 2 सेशन आयोजित होने पर छात्रों को अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे। फिलहाल अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए यह कॉमन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जा रहा है, लेकिन अगले साल पीजी कोर्स के लिए भी सीयूईटी का आयोजन किया जा सकता है। सीयूईटी साल में दो बार आयोजित करने के साथ ही हर वर्ष इस परीक्षा का पैटर्न भी बदला जाएगा। हालांकि परीक्षा का सिलेबस 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम पर ही आधारित होगा। 2022 के लिए अब तक देशभर के अलग-अलग हिस्सों से 2 लाख से अधिक छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से सबसे ज्यादा 36,611 छात्र उत्तर प्रदेश फिर दिल्ली से 23,418 और बिहार से 12,275 छात्रों ने आवेदन किया है। केरल से 3,987, तमिलनाडु से 2,143, तेलंगाना से 1,807, आंध्र प्रदेश से 1,022 और कर्नाटक से 901 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यूजीसी के मुताबिक कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसके लागू होने के उपरांत छात्रों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। इससे पहले देश भर के 14 केंद्रीय विश्वविद्यालय अपना अलग-अलग एंट्रेंस टेस्ट आयोजित कर रहे थे। हालांकि अब केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए केवल सीयूईटी देना होगा। इसी टेस्ट के आधार पर विभिन्न अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिला मिल सकेगा। यूजीसी के चेयरमैन एम जगदीश कुमार बताया कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए कई प्रवेश परीक्षाओं को लिखने की कठिनाइयों को समाप्त कर देगा। पहले छात्रों को 14 केंद्रीय विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा लिखनी पढ़ती थी लेकिन अब छात्र एकल प्रवेश परीक्षा लिख सकते हैं। यूजीसी का कहना है कि विशेष रूप से अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा का उपयोग एक वैश्विक बात बन गई है। हालांकि यह अवधारणा पूरी तरह से नई नहीं है। वर्ष 2010 से 14 केंद्रीय विश्वविद्यालय एक प्रवेश परीक्षा आयोजित कर रहे हैं, और कई केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे जेएनयू, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी और बीएचयू अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित कर रहे हैं। यूजीसी अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में, इस बात की वकालत की गई है कि हमें प्रवेश परीक्षाओं की बहुलता को दूर करना चाहिए और एक ही परीक्षा देनी चाहिए ताकि छात्रों को कई प्रवेश परीक्षाएं लिखने की कठिनाइयों से न गुजरना पड़े। 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के लिए पंजीकरण 6 अप्रैल, 2022 को शुरू हुआ और 6 मई को समाप्त होगा। सीयूईटी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में यूजी प्रवेश के लिए तैयार की गई थी। अभी भी कई संस्थान सीयूईटी के अंतर्गत नहीं आते हैं, लेकिन शिक्षा मंत्रालय स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए इसे एक अखिल भारतीय प्रवेश प्रक्रिया बनाना चाहता है। यूजीसी इसके लिए बकायदा को सभी राज्य और निजी विश्वविद्यालयों एवं अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों से संपर्क कर रहा है। --आईएएनएस जीसीबी/एएनएम

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