नई दिल्ली (माधुरी सोनकर)। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार के तरफ से कई तरीके के अभियान चलाए जा रहें है। इसी कड़ी में स्वावलंबी भारत अभियान का तीन दिवसीय कार्यक्रम दिल्ली के पूसा इंस्टीट्यूट में आयोजित किया गया। वहीं आन्ध्र प्रदेश प्रांत की रहने वाली अंजना और रोहिणी नारियल के छिलके से खिलौने बनाने का काम करती हैं।
दो दिनों में तैयार करती हैं खिलौने
अंजना ने बताया कि वो नारियल के छिलके से खिलौने बनाने का काम करती हैं। इस खिलौने को बनाने में दो दिनों का वक्त लगता है। इससे वो हाथी, ऊंट, जिराफ साथ ही घर के सजावट में इस्तेमाल होने वाले तोरड़ तक बनाती है। उन्होंने बताया कि वो नारियल के छिलके से जानवरों का ढांचा तैयार करती है। इसके बाद रंग बिरगें रस्सियों को लपेटकर उसे बनाने का काम करती है।
कम कीमतों पर उपलब्ध है बाजारों में
अंजना ने बताया कि इस खिलौनों की बाजार में कीमत भी काफी कम रखी गई है। इसे आसानी से खरीदा जा सकता है। इन खिलौने को शुरूआती कीमत 200 रुपये रखी गई है और ये देखने में काफी आकृषक है।
घर चलाने के लिए महिलाएं बनाती हैं खिलौने
अंजना ने बताया कि इस खिलौने को बनाने वाली महिलाएं काफी गरीब घरों से आती हैं। वो अपनी आजीविका चलाने के लिए इसको बनाती हैं। इसी के साथ ही वो खुद को आत्मनिर्भर बना रही हैं।





