UP News: सीएम योगी का नया प्लान, वन डिस्ट्रिक्ट-वन कोऑपरेटिव बैंक की दिशा में आगे बढ़ेगा प्रदेश

G-20 Meeting: जी-20 शिखर सम्मेलन में सिर्फ एक सप्ताह बचे हैं। इससे पहले पूरी राजधानी को सजाने और संवारने की जोर-शोर से तैयारियां चल रहीं हैं।
एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।सोशल मीडिया।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने नए प्लान पर काम शुरू कर दिया है। योगी ने आज कहा कि प्रदेश के विकास और अन्नदाता किसानों की जरूरतों के मद्देनजर सभी को बैंकिंग सुविधाएं मिलनी चाहिए। सहकारिता विभाग से कहा है कि जिन जगहों पर बैंक शाखा की जरूरत हो, वहां मैपिंग की जाए। एमएसएमई का सबसे बड़ा बेस यूपी में है। इसके लिए सहकारी बैंकों की बहुत अहम भूमिका हो सकती है। हमें प्रयास करना चाहिए कि वहां सहकारिता बैंक की एक शाखा खोलने के साथ बीसी सखी के कार्यक्रम को जोड़ें। पहले चरण में बैंक खोलें, दूसरे चरण में इन बैंकों को प्रॉफिटेबल बनाएं। तीसरे चरण में हम वन डिस्ट्रिक्ट-वन कोऑपरेटिव बैंक की परिकल्पना की दिशा में आगे बढ़ें। इसमें राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास में बी पैक्स सदस्यता महाभियान एवं टोल फ्री नंबर शुभारंभ के दौरान उपरोक्त बातें कही।

निवेश के क्षेत्र में आगे बढ़ा रहा यूपी

सीएम ने कहा कि आज प्रदेश एक अच्छे निवेश गंतव्य के रूप में आगे बढ़ रहा है। देश भर में हमारा वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट कार्यक्रम छा गया है। आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कहते हैं कि हमें लोकल फॉर ग्लोबल के बारे में विचार करना होगा। इसमें एमएसएमई विभाग लोकल प्रोडक्ट के लिए उनकी पैकेजिंग, डिजाइनिंग, मार्केटिंग के लिए बड़े अभियान को आगे बढ़ा रहा है। एक नई होड़ लगी है कि हम भी लोकल प्रोडक्ट को बढ़ाने में योगदान दें। सहकारी बैंक भी प्रक्रिया के साथ जुड़ेंगे तो यह उनके प्रति आमजन के विश्वास को बहाल करने में मदद करेगा।

सहकारिता को समृद्धि से जोड़ने को आगे आ रही डबल इंजन सरकार

योगी ने कहा कि सरकार ने सहकारिता को आम नागरिक के जीवन में समृद्धि का माध्यम बनाकर उसे समृद्धि, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देश के पहले सहकारिता मंत्री के रूप में देश के गृह मंत्री अमित शाह ने सहकारिता को समृद्धि के साथ जोड़ते हुए उसकी सबसे आधारभूत इकाई पैक्स को मजबूत बनाने की ओर काम किया है। यह हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है कि यूपी में एक से 30 सितंबर तक इस सदस्यता अभियान का शुभारंभ और टोल फ्री नंबर जारी गया है। योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार सहकारिता को समृद्धि के साथ जोड़ते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। पैक्स पहले खाद और बीज बेचने तक सीमित रहता था। अब इसको कॉमन सर्विस डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

पैक्स की बढ़ाएं क्रेडिट लिमिट

मुख्यमंत्री ने पैक्स की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के साथ फसली ऋण के विषय में लक्ष्य तय करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अब जो हमारे पास 7500 पैक्स हैं, इनमें फर्टिलाइजर की खरीद के लिए जो लिक्विडिटी चाहिए, उससे काफी कम है। प्रदेश की जरूरत के अनुरूप पैक्स 10 लाख की क्रेडिट लिमिट जरूरी है। इस संबंध में तत्काल कार्यवाही कोबढ़ाकर 7500 पैक्स की क्रेडिट लिमिट को आगे बढ़ाना चाहिए। ताकि किसान को सहूलियत हो। इस संबंध में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। आने वाले समय में कृषि विभाग के साथ मिलकर फसली ऋण के बारे में विचार करना चाहिए।

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